भले ही शहर स्मार्ट सिटी की दौड़ में सबसे आगे चल रहा हो, परंतु जलभराव के मामले में तो फिसड्डी ही है। इसका अंदाजा बीते रोज हुई बीस मिनट की बरसात से लगाया जा सकता है कि जगह- जगह जलभराव हो गया। शहरवासियों ने फोन कर ‘अमर उजाला’ को इस समस्या से अवगत कराया।
बरसात से पहले शहर में नाला सफाई का काम चल रहा है। इसके लिए 162 छोटे नालों की सफाई के लिए सौ सफाई कर्मचारी उतारे गए हैं, जबकि 42 बड़े नालों की सफाई के लिए 75 कर्मचारी उतारे गए हैं। यह कार्य 15 अप्रैल से शुरू हुआ है और 15 जून तक मानसून आने से पहले पूरा हो जाना है। नाले की सफाई तली झार हो रही है। लेकिन, जलभराव की समस्या के समाधान के लिए शहर अभी तैयार नहीं है। भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि शहर के ऊपरी इलाकों में बरसने वाला पानी बहकर नीचे के क्षेत्रों में आता है और जलभराव हो जाता है। पानी बरसने के एक घंटा बाद भराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी हो जाती है और सब सामान्य हो जाता है, लेकिन यह स्थिति धीरे- धीरे समस्या बनती जा रही है। क्योंकि, नालों पर अवैध कब्जे होते जा रहे हैं इस कारण पानी की निकासी में बाधा आ रही है। जहां दस साल पहले खाली जमीन थी, अब वहां मकान बन गए हैं। इस कारण पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो पा रही है।
बीते रोज रविवार था। पानी बरसने से सड़कों पर जलभराव हो गया। मंडलायुक्त अमित गुप्ता व जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान को लाइट एंड साउंड कार्यक्रम देखने के लिए किला जाना था, लेकिन ग्वालियर रोड पर टेलीफोन एक्सचेंज के पास सड़क पर करीब पचास मीटर तक पानी भर गया था। इस कारण उन्हें निकलने में दिक्कत हुई तो नगर निगम को इसकी जानकारी दी गई। आनन- फानन में नगर निगम के कर्मचारी पहुंचे और पुलिया के पास अतिक्रमण कर लगाई गई गन्ना की दुकान हटाई और कचरा साफ किया, तब जाकर पानी की निकासी हो सकी। इसी तरह किला रोड पर मुक्ताकाशी मंच के आगे पानी भर गया था। वहां पर भी नगर निगम के कर्मचारियों ने कचरा साफ किया और पानी को निकलवाया। उच्च अधिकारियों को जलभराव से न जूझना पड़े, इसलिए नगर निगम ने तत्काल सफाई करा दी, लेकिन आम इंसान तो जलभराव से जूझ ही रहा है।
इन स्थानों पर हुआ था जलभराव
बीते रोज हुई बरसात के कारण शहर से नरिया बाजार, मुहल्ला तलैया, गल्ला मंडी रोड, सुभाषगंज, शिवाजी नगर, सुल्तानियां मस्जिद रोड और ग्वालियर रोड टेलीफोन एक्सचेंज के पास जलभराव हुआ था। 20 से 25 मिनट में पानी बह गया।
ऐसे हो सकता है समाधान
- भौगोलिक दृष्टि से शहर ऊंचा- नीचा है, इसलिए निचले इलाकों में चौड़ी नाली बनाई जाएं।
- जलभराव न हो, इसके लिए नालियां की नियमित सफाई कराई जाए।
- नाले समय से साफ करा दिए जाएं और नालों के ऊपर से अतिक्रमण हटाया जाए।
- कई स्थानों पर नालियां से कब्जा हटवाया जाए और उन्हें खुला रखा जाए, ताकि सफाई हो सके।
- नगर निगम में कर्मचारियों की टीम रखी जाए, जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर जाए।
नाला चोक
अंजनी नगर विकास मंच ने नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर बाहर उन्नाव गेट नागोजी कुआं के पास का नाला साफ कराने की मांग की है। अध्यक्ष संतोष रायकवार ने बताया कि नाले से पानी की निकासी नहीं हो रही है। इसे जल्द साफ कराया जाए।
जहां सूचना मिली, सफाई करा दी
जल भराव की जहां से सूचना मिली, वहां पर पानी की निकासी करा दी गई। नाले साफ हो रहे हैं। बरसात से पहले साफ हो जाएंगे। ज्यादातर जलभराव नालियों के किनारे कचरा फंसने से हुआ था।
- डा. राकेश बाबू
नगर स्वास्थ्य अधिकारी