गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए रविवार की शाम राहत का संदेश लेकर आई। तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे मौसम खुशगवार हो गया, जिसका शहर के लोगों ने खूब मजा लिया। शाम को जमकर सैर-सपाटा हुआ। गन्ने के रस और कोल्डड्रिंक की की जगह चाट-पकौड़ी और चाय की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। अप्रैल का आखिरी ‘संडे’ लोगों के लिए ‘फन डे’ बन गया। हां, कुछ इलाकों में जलभराव के कारण दिक्कत भी हुई।
अप्रैल की शुरुआत से ही मौसम के तेवरों में तल्खी आ गई थी। आसमान साफ बने रहने और दिन भर चटख धूप खिलने की वजह से पारे का ग्राफ लगातार ऊंचाइयां छू रहा था। लेकिन, रविवार की शाम पहाड़ों से बारिश के साथ आईं हवाओं ने मौसम का रुख बदल दिया। तापमान में नरमी आई और मौसम खुशगवार हो गया। छुट्टी वाले दिन मौसम के इस मिजाज का लोगों ने पूरा मजा लिया। शाम को लोग अपने घरों से सैर सपाटे के लिए निकल पड़े। रानी लक्ष्मीबाई पार्क, मैथिलीशरण पार्क, किला रोड, पब्लिक पार्क में जमकर भीड़ उमड़ी। बच्चों ने झूलों पर जमकर उछलकूद की। चाट पकौड़ी की दुकानों पर खूब भीड़ उमड़ी। रात में भी ठंडक रही।
स्वास्थ्य पर ध्यान दें, सतर्क रहें
मौसम का सर्द गर्म मिजाज स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुकूल नहीं है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. जकी सिद्दीकी ने बताया कि तीखी गर्मी से अचानक मौसम ठंडा हो गया है। फिर तेज गर्मी के आसार हैं। मौसम में अचानक आने वाले बदलाव से मौसमी बुखार और डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। साफ पानी पीएं, कटे-फटे और बाजार की खुली चीजें न खाएं। ठंडक होने पर एसी, कूलर न चलाएं। धूप में सिर ढककर चलें। नींबू पानी और तरल पेय लेते रहें।
कई जगह जलभराव
तेज बारिश के दौरान लक्ष्मणगंज, बांस वाली गली, नंदनपुरा, ताज कंपाउंड, मेहंदी बाग सहित कई जगह कुछ देर के लिए जलभराव हो गया। कई दुपहिया वाहन फिसले और लोग गिरते बचे। कुछ जगह नाले-नालियों का पानी सड़क तक आ गया। कचरा फैल गया। बदबू के मारे बुरा हाल रहा। अभी नालों की सफाई नहीं हुई है और इसी कारण ज्यादा दिक्कत रही। देर रात तक सड़कों का पानी साफ हो चुका था।