प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 फरवरी को भले ही रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का लोकार्पण करने जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी इसे तैयार होने में लगभग छह महीने का समय लग सकता है। दरअसल, विश्वविद्यालय के पांच मंजिला भवन का ढांचा तो तैयार है, लेकिन बाहरी व अंदरूनी साज सज्जा का बड़ा काम अभी बाकी है। ऐसे में प्रधानमंत्री कार्यालय से भवन की वर्तमान स्थिति की फोटो मांगी गईं हैं।
प्रधानमंत्री अपने दौरे में पांच परियोजनाओं का शिलान्यास और तीन का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण सूची में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का 1.22 अरब रुपये का शैक्षणिक भवन भी शामिल है। ग्वालियर रोड पर विश्वविद्यालय परिसर में पंद्रह महीने पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था। इसका पांच मंजिला भवन बनकर तैयार है। लेकिन, बाहरी और अंदरूनी साज सज्जा का बड़ा काम अभी भी बाकी है। इसमें भवन में दरवाजे - खिड़की लगना, रंगाई - पुताई होना, पानी और बिजली की फिटिंग होने जैसे काम हैं। इसके अलावा फर्श भी बनाया जाना है। बाहरी परिसर भी अभी ऊबड़खाबड़ पड़ा हुआ है, इस पर भी फर्श किया जाना अभी बाकी है। हालांकि, विश्वविद्यालय में दिन-रात काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (एनबीसीसी) के अफसर डेरा डाले हुए हैं। वे अपनी देखरेख में काम करा रहे हैं। बावजूद, लोकार्पण की तिथि तक इतने बड़े भवन का निर्माण पूरा होता संभव नजर नहीं आ रहा है। जानकारों का कहना है कि भवन के पूरी तरह से बनकर तैयार होने में अभी लगभग छह माह का समय लग सकता है। इसी के मद्देनजर प्रधानमंत्री कार्यालय से भवन की वर्तमान स्थिति की फोटो मांगी गईं हैं। कुलपति प्रो. अरविंद कुमार ने बताया कि अलग-अलग हिस्सों की दस फोटो पीएमओ भेजी गईं हैं।