असंगठित कामगारों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम एसवाईएम) का मंगलवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर पच्चीस श्रमिकों को कार्ड वितरित किए गए।
गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना का शुभारंभ किया। इसका सीधा प्रसारण विकास भवन में हुआ। इस दौरान यहां आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य विकास अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे और उप श्रमायुक्त रचना केसरवानी ने की। सीडीओ ने कहा कि योजना का लाभ दिलाने के लिए असंगठित क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों के पंजीकरण कराए जाएं। उप श्रमायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक छह हजार श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। सौ से अधिक कार्ड बनाए भी जा चुके हैं। लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। नगर के महावीरन, हंसारी और श्रीनगर के कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) पर निशुल्क पंजीकरण हो रहा है।
इस मौके पर अपर आयुक्त त्रिभुवन विश्वकर्मा, नगर मजिस्ट्रेेट रामप्रताप, डीडीओ उग्रसेन सिंह यादव, वीरेश्वर शुक्ला, आशीष अवस्थी आदि मौजूद रहे।
यह है योजना
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पेंशन योजना है। रिक्शा चालक, फेरीवाले, मजदूर, घरेलू नौकर जैसे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। पंद्रह हजार रुपये से कम मासिक आय वालों के लिए यह योजना है। आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना के तहत प्रतिमाह जितना अंशदान श्रमिक करेगा, उतनी राशि सरकार द्वारा खाते में जमा कराई जाएगी। 60 साल की आयु के बाद कम से कम तीन हजार रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।
ऐसे करें आवेदन
योजना के तहत श्रमिकों का पंजीकरण निशुल्क होगा। पंजीकरण के लिए उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर पर आधार कार्ड तथा बचत /जन धन खाते दस्तावेज लेकर जाना होगा। बायोमेट्रिक के बाद मासिक अंशदान 55 से 200 रुपये तक तय होगा। आवेदक को पहला अंशदान नकद करना होगा। इसके तत्काल बाद कंप्यूटर से रसीद निकलेगी। आवेदक को पेंशन योजना का कार्ड तुरंत मिल जाएगा। अगले माह से अंशदान का भुगतान आवेदक के बैंक खाते से स्वत: होगा।