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फसलों को अब इल्ली और माहू का खतरा -CTY

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फसलों को अब इल्ली और माहू का खतरा
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झांसी। मौसम साफ होने के साथ ही फसलों को इल्ली और माहू का खतरा पैदा हो गया है। सरसों में माहू और मटर में इल्ली लग रही हैं। चना भी चपेट में है। वहीं, सर्द मौसम ने गेहूं की फसल को फायदा पहुंचा दिया है।
इन दिनों किसानों के खेतों में दलहनी फसलें खड़ी हैं, जिनमें मटर, मसूर, चना है, जो अब पकने की ओर हैं। इसी प्रकार से गेहूं की फसल भी तैयार हो रही है। विगत सोमवार तक आसमान में बादलों के छाए रहने और बढ़ी सर्दी से गेहूं की फसलों को फायदा पहुंचा है। लेकिन, मंगलवार को मौसम साफ होने पर सरसों और मटर को नुकसान होने की संभावना बन गई है। कृषि विभाग का कहना है कि वसंत में तेज हवाएं चलती हैं, जिससे गेहूं की ऊंची प्रजाति के अलावा दलहन की फसल को नुकसान हो सकता है।
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कृषि उपनिदेशक उमेश चंद्र कटियार ने बताया कि मौसम बदला है। इससे देरी से बोई सरसों की फसलों में माहू और मटर में इल्ली लगने की संभावना बढ़ गई है। किसान ब्लाकों में मौजूद कृषि रक्षक इकाइयों में संपर्क कर वहां से दवाएं प्राप्त कर उनका छिड़काव कर सकते हैं।
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13478 हेक्टेयर में लगी है सरसों की फसल
जिले में चना 57432 हेक्टेयर में, मटर 61392 हेक्टेयर में, मसूर 23222 हेक्टेयर में, गेहूं 154000 हेक्टेयर में, जौ 5941 हेक्टेयर, राई सरसों 13478 हेक्टेयर भूमि में बोई गई है। कृषि विभाग के अनुसार झांसी में गेहूं की एक दर्जन प्रजातियां उगाई जाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से डब्ल्यू एच 2968, राज 4120, जेडब्ल्यू 3288, डीबी डब्ल्यू 110 आदि हैं।
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