pm samman nidhi delay due to verification
झांसी। आधार एवं बैंक खातों का सत्यापन न हो पाने से करीब डेढ़ लाख किसान पीएम किसान सम्मान निधि की पांचवीं किस्त से वंचित हैं। कई सारे नियम-कानूनों के जंजाल के चलते योजना शुरू होने के बाद से लाभार्थी किसानों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। पांचवीं किस्त सिर्फ 1.03 लाख किसानों तक ही पहुंच सकी है।
किसानों की आय बढ़ाने को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आरंभ की। शुरूआत में इसे सिर्फ दो हेक्टेयर से कम भूमि रखने वाले किसानों के लिए रखा गया लेकिन, पिछले वर्ष इसमें सभी किसानों को शामिल कर लिया गया लेकिन, आधार एवं बैंक को लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया। योजना एवं कृषि अफसरों के उलझने की यहीं से शुरूआत हो गई। अभी भी बड़ी संख्या में किसानों के आधार एवं बैंक पासबुक सत्यापित नहीं हो सके। इस वजह से इन किसानों के खाते में सम्मान निधि का पैसा नहीं पहुंचा। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झांसी में 2.46 लाख किसान पात्र माने गए। सर्वाधिक 2.30 लाख किसानों को ही पहली किस्त मिली। उसके बाद से लाभार्थी किसानों की संख्या लगातार घटती जा रही है। सम्मान निधि की दूसरी किस्त महज 2.12 लाख किसानों को मिली। तीसरी किस्त 1.95 लाख किसानों को एवं चौथी किस्त 1.59 लाख किसानों को ही दी गई है। पांचवीं किस्त अप्रैल माह में जारी हुई लेकिन, अभी तक सिर्फ 103654 किसानों के खाते तक ही पहुंची है जबकि करीब डेढ़ लाख किसान अभी इससे वंचित हैं। इस तरह प्रत्येक वर्ष लाभार्थी किसानों की संख्या घटती जा रही है। वंचित किसान रोजाना कृषि विभाग के चक्कर काट रहे लेकिन, उनको राहत नहीं मिल रही जबकि अगले माह छठवीं किस्त भी जारी होने वाली है। वहीं, उपनिदेशक कृषि कमल कटियार का कहना है कि आधार एवं बैंक खाते में असमानता वाले खातों में ही राशि नहीं भेजी गई। उसे सुधारने का काम चल रहा है। जिन किसानों के खाते में सही मिलेंगे, उनमें राशि भेज दी जाएगी।