सर्दियां शुरू होते ही जिला अस्पताल में मोतियाबिंद आपरेशन के लिए मरीजाें की संख्या बढ़ने लगती है। आपरेशन के लिए जिला अस्पताल प्रशासन की तैयारियां पूर्ण हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रमेश चंद्रा ने बताया कि अस्पताल में पूरे वर्ष आपरेशन होते हैं। सर्दियों में संख्या बढ़ जाती है। इनदिनों 20 से 25 आपरेशन प्रतिदिन हो रहे हैं। सर्दियों में यह संख्या 80 से 90 तक पहुुंच जाती है। अस्पताल में 20 बेड का आई वार्ड है। मरीज बढ़ने पर अन्य वार्डों में भर्ती किया जाता है। सीएमएस ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रतिवर्ष लगभग 9500 सफल आपरेशन होते हैं। लोगों को आपरेशन के लिए डरना नहीं चाहिए। मोतियाबिंद का आपरेशन किसी भी मौसम में करवा सकते हैं।
मोतियाबिंद के लक्षण
- आंखों के लेंस पर सफेद परत जमना
- एक आंख से दो चीजें नजर आना
- हल्की रोशनी भी बहुत तेज प्रतीत होना
- कोई भी वस्तु धुंधली नजर आना
- चश्मे का नंबर बार-बार बदलना
- तेज रोशनी से परेशानी होना
- रात की लाइट में छल्लेनुमा आकृति नजर आना
कारण
- आंखों में किसी तरह का रोग होना
- जन्मजात मोतियाबिंद होना
- डायबिटीज होना
- शरीर में किसी परेशानी, जैसे अस्थमा के लिए स्टेरॉइड लेना
- अचानक से तेज रोशनी के संपर्क में आने से या लगातार तेज रोशनी में रहने से
- धूम्रपान या नशे का ज्यादा सेवन करने से
ऐसे बचें
- धूप या तेज रोशनी से खुद को दूर रखें
-धूप में निकलें तो चश्मा और टोपी पहनें
- किसी भी तरह का कोई नशा न करें
- पौष्टिक खाना खाएं
- समय-समय पर आंखों की जांच करवाएं
- तनाव से दूर रहें
- डायबिटीज नियंत्रण में रखें