संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में कई खेलों के कोच नहीं हैं। खिलाड़ियों को अभ्यास करने में परेशानी हो रही है। पिछले एक साल से क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस के कोच की खेल निदेशालय की ओर से नियुक्ति न होने से खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा का विकास थम सा गया है।
खिलाड़ी बिना कोच के अभ्यास करने को मजबूर हैं। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में हाॅकी एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम, बॉक्सिंग, हैंडबाल, वेटलिफ्टिंग, जिम, जिमनास्टिक, जूडो, क्रिकेट, टेबल टेनिस खेलों को संचालित होते हैं। खेलो इंडिया का हॉकी सेंटर संचालित हो रहा है। वहीं जूडो का जूडो एसोसिएशन के सचिव की देखरेख में संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा हॉकी, बॉक्सिंग, हैंडबाल, वेटलिफ्टिंग के कोच नियुक्त हैं। लेकिन स्टेडियम में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बैडमिंटन हॉल, टेबल टेनिस, क्रिकेट के कोच नहीं है। इन खिलाड़ियों को कोच के अभाव में सही मार्गदर्शन और खेलों की तकनीकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बिना कोच के खिलाड़ी कैसे अभ्यास करेंगे और कैसे अपनी प्रतिभा को निखारेंगे। कोच के बिना उनकी खेल प्रतिभा मानो थम सी गई है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर ने बताया कि खेल निदेशालय से करीब छह महीने पहले क्रिकेट, टेबल टेनिस, बैडमिंटन के कोच की मांग की गई थी। लेकिन अभी तक कोच की नियुक्ति नहीं हुई है।