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झांसी में भी कोरोना रोगियों का होगा प्लाज्मा थेरेपी से इलाज

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plasma therepy treatment in jhansi
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झांसी। कोरोना रोगियों का प्लाज्मा थेरेपी से झांसी में भी इलाज होगा। कोरोना वायरस को मात देकर ठीक होने वाले मरीजों का अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 14 दिनों बाद प्लाज्मा लिया जाएगा। हालांकि, इससे पहले यह जांच भी होगी कि उनके शरीर में एंटीबॉडी बनी है या नहीं। एंटी बॉडी बनने के बाद ठीक होने वाली रोगी की इच्छा पर ही प्लाज्मा लिया जा सकेगा।
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झांसी में कोरोना का पहला मामला 27 अप्रैल को मिला था। इसके बाद संक्रमित मरीजों की संख्या 31 पहुंच गई। इनमें से चार मरीजों की मौत हो चुकी है। 26 की कोरोना वायरस की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, जबकि 24 डिस्चार्ज भी हो चुके हैं। मौजूदा समय में एक ही एक्टिव केस है। देश में कई ऐसे मामले सामने आए जब कोरोना मरीज को प्लाज्मा थेरेपी के जरिए ठीक किया गया। इस दौरान मरीज को ठीक हो चुके कोरोना वायरस के रोगी का प्लाज्मा चढ़ाया गया। हालांकि, इसमें रोगी की इच्छा के बगैर प्लाज्मा नहीं लिया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज के उप प्रधानाचार्य डॉ.एनएस सेंगर ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज के ठीक होने के 14 दिन बाद प्लाज्मा लिया जाता है। इसके पहले ठीक हो चुके मरीज की जांच भी होती है, जिसमें यह देखा जाता है कि उसके शरीर में कोरोना के एंटीबॉडी बनी है या नहीं। यदि एंटी बॉडी बन जाती है तो उसका प्लाज्मा ले लिया जाता है। किसी भी रोगी के डिस्चार्ज के 14 दिन बाद एंटीबॉडी की जांच कराई जाएगी। आईसीएमआर से अनुमति मिलते ही मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी शुरू हो जाएगी।
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एंटीबॉडी जांच की मशीन भी नहीं
मेडिकल कॉलेज में एंटीबॉडी की जांच करने के लिए मशीन भी नहीं है। कॉलेज के अधिकारियों से जब पूछा गया कि फिर ठीक होने वाले रोगी की एंटीबॉडी की जांच कहां कराएंगे, तो उन्होंने बताया कि शासन से दिशा-निर्देश लेकर किसी अन्य लैब में जांच कराई जाएगी।
क्या है प्लाज्मा थेरेपी
प्लाज्मा थेरेपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें खून के तरल पदार्थ या प्लाज्मा को रक्त कोशिकाओं से अलग किया जाता है। इसके बाद यदि किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में अनहेल्दी टिशू मिलते हैं तो उसका इलाज समय रहते शुरू किया जाता है। इसे सामान्य स्थितियों में नहीं बल्कि कुछ विशेष उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसका सबसे बड़ा लाभ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर या मजबूत होती है उनके बीमार होने की संभावना कम रहती है।
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ये हैं आंकड़े
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जिला: झांसी
संक्रमित: 31
ठीक: 26
मौत: 4
जिला: जालौन
संक्रमित: 42
ठीक: 35
मौत: 2
जिला: ललितपुर
संक्रमित: 1
ठीक: 0
मौत: 1
जिला: बांदा
संक्रमित: 22
ठीक: 21
मौत: 0
जिला: चित्रकूट
संक्रमित: 20
ठीक: 8
मौत: 1
जिला: हमीरपुर
संक्रमित: 3
ठीक: 2
मौत: 0
जिला: महोबा
संक्रमित: 4
ठीक: 2
मौत: 1
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