अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम की मिल्क पार्लर शुरू करने की योजना धड़ाम हो गई है। आठ में से सिर्फ दो जगहों पर ही मिल्क पार्लर का संचालन हो रहा है। कहीं जगह तो कहीं पुरातत्व विभाग के दायरे में आने के कारण ये शुरू नहीं हो पाए हैं। अब टेंडर लेने वाले लोग सिक्योरिटी मनी वापस लेने के लिए नगर निगम पहुंच रहे हैं।
इलाइट चौराहे पर तिलक मार्केट, बीकेडी चौराहा, जर्मनी अस्पताल के पास, चित्रा चौराहा, रानी महल, कचहरी चौराहा समेत आठ जगहों पर मिल्क पार्लर बनने थे। इनके जरिए दूध की बिक्री की जानी थी। इसके लिए नगर निगम की तरफ से टेंडर भी निकाला गया था। सभी को टेंडर आवंटन होने के बाद बीकेडी और जर्मनी अस्पताल के पास मिल्क पार्लर शुरू भी हो गए। मगर अन्य जगहों पर जगह नहीं मिल पाने के कारण मिल्क पार्लर का संचालन नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि जिन लोगों को मिल्क पार्लर के संचालन का टेंडर मिला है, उनमें से कई लोगों ने 30 से 40 हजार रुपये खर्च करके डिब्बा भी बनवा लिया है। बताया गया कि चित्रा चौराहे पर ग्रिल लगने, तिलक मार्केट में अंदर जगह मिलने, रानी महल के पास एएसआई के दायरे में जगह आने के कारण मिल्क पार्लर शुरू नहीं हो पाए हैं। बची हुई जगहों पर भी किसी न किसी कारण से इनका संचालन नहीं हो पा रहा है। अब टेंडर लेने वाले व्यक्ति नगर निगम का चक्कर काट रहे हैं और सिक्योरिटी मनी वापस ले रहे हैं। अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता ने बताया कि दो जगहों पर मिल्क पार्लर चल रहे हैं। बाकी स्थानों पर अलग-अलग कारणों से इनका संचालन नहीं हो पा रहा है।