आला घाट पर बृहस्पतिवार को जव लोग पित्त विसर्जन करते पहुंचे तो यहां नदी के चारों तरफ के घाटों कूड़?
झांसी। बृहस्पतिवार को पितृ पक्ष का विसर्जन हुआ। लोगों ने अमावस्या पर अपने पूर्वजों को तर्पण किया और श्राद्ध कर अन्न दान किया। शुक्रवार से अधिकमास (पुरुषोत्तम माह) शुरू हो जाएंगे। मंदिरों में भगवान के विग्रहों का वैदिक मंत्रोें के बीच दूध, दही, शहद, गंगाजल आदि से अभिषेक होगा और हरी कथा भक्तों को सुनाई जाएगी।
अमावस्या पर कई लोगों ने पानी वाली धर्मशाला, पहूंज बांध, आंतिया तालाब सहित आस पास के कई जलाशयों एवं अपने घरों में पूर्वजों को जल तर्पण किया। उंगलियों में पहनी पवित्री और कुशा का मोटक विसर्जित किया। इसके बाद गायों को चारा खिलाया और अन्य जीवों को अन्नदान किया। अमावस्या पर कई लोगों ने नाना - नानी को भी तर्पण कर उन्हें याद किया। वहीं, इस बार अश्विन का माह अतिरिक्त पड़ने के कारण शारदीय नवरात्र एक माह बाद यानी 17 अक्तूबर से प्रारंभ हाेंगे। अधिकमास में लोग मंदिरों में भगवान श्री हरि के अवतारों की पूजा, अभिषेक, श्रृंगार कर उनकी लीलाओं की कथा सुनते हैं।