झांसी-कानपुर डबल ट्रैक पर पिरौना और भुआ स्टेशन के बीच 27 किलोमीटर में शुक्रवार की शाम से ट्रेनों का दौड़ना शुरू हो गया है। रेल संरक्षा आयुक्त एके जैन ने दो दिन तक जांच के बाद पटरियों को ट्रेन दौड़ाने के लिए सुरक्षित माना है। उनके हरी झंडी देते ही नए ट्रैक पर मालगाड़ी को दौड़ाया गया। हालांकि, अभी इस सेक्शन में 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ाई जाएंगी।
किलोमीटर नंबर 1204 से 1231 के बीच 27 किलोमीटर हिस्से (पिरोना, एट व भुआ) का बृहस्पतिवार को रेल संरक्षा आयुक्त एके जैन ने ट्राली पर बैठकर इस सेक्शन में बिछाई गईं पटरियों की गुणवत्ता को परखा था। शुक्रवार को उन्होंने ऑब्जर्वेशन कार में बैठकर 120 किमी की स्पीड से ट्रायल लिया। इस ट्रायल में पटरियों की तकनीकी खामियों को देखा गया। संतुष्ट होनेे के बाद सीआरएस ने उक्त सेक्शन में गाड़ियां चलाने की अनुमति दे दी। मालूम हो कि पता हो कि अगस्त 2018 में झांसी से पारीछा के बीच डबल ट्रैक चालू कर लिया गया था। अब कुल 51 किलोमीटर हिस्से में डबल ट्रैक चालू हो गया है। डीआरएम एके मिश्रा ने बताया कि सीआरएस ने निरीक्षण के बाद गाड़ियों को 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाने की अनुमति दे दी। मालगाड़ी के बाद पैसेंजर ट्रेन को भी नए ट्रैक से गुजारा गया।
आज से नियमित चलने लगेंगी यह ट्रेनें
झांसी-कानपुर डबल ट्रैक पर पिरौना-एट-भुआ सेक्शन में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते एक मार्च तक आठ ट्रेनों को निरस्त और 14 गाड़ियों को बदले मार्ग से गुजारा जा रहा है। दो मार्च से यह ट्रेनें नियमित चलने लगेंगी। इनमें साप्ताहिक 15063 गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, 15064 लोकमान्य तिलक टर्मिनल,11079 लोकमान्य तिलक टर्मिनल गोरखपुर एक्सप्रेस, 11080 गोरखपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनल, 11408 लखनऊ पुणे एक्सप्रेस, 11407 पुणे लखनऊ एक्सप्रेस, 1943 कानपुर बलसाड एक्सप्रेस और 12944 बलसाड कानपुर एक्सप्रेस निरस्त चल रही थी। इसी तरह, 15066 पनवेल गोरखपुर , 15030 साप्ताहिक पुणे गोरखपुर एक्सप्रेस,12107 लोकमान्य तिलक लखनऊ एक्सप्रेस , 12103 साप्ताहिक पुणे लखनऊ, 15102 मुंबई छपरा एक्सप्रेस, 12104 साप्ताहिक लखनऊ पुणे एक्सप्रेस ,15101 साप्ताहिक छपरा मुंबई एक्सप्रेस , 12541 गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 11124 ग्वालियर बरौनी मेल , 11123 बरौनी ग्वालियर मेल12174 प्रतापगढ़ लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को बदले मार्ग से गुजारा जा रहा था।
तेज हो जाएगा ट्रेनों का संचालन
झांसी-कानपुर सिंगल रेलवे ट्रैक पर प्रतिदिन 40 से अधिक अप और डाउन की सवारी ट्रेनों का संचालन होता है। इतनी ही संख्या में मालगाड़ियां भी दौड़ती हैं। एक ट्रेन को क्रॉस कराने में सामने आ रही दूसरी ट्रेन को नजदीक के रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ता है। इसका सीधा असर ट्रेनों के समय पालन पर पड़ता है। सबसे ज्यादा ट्रेनों को झांसी आने के पहले मुस्तरा स्टेशन पर रोका जाता है। यही कारण है कि कानपुर से आने वाली अधिकांश ट्रेनें समय पर झांसी नहीं आ पाती हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। डबल ट्रैक से अब संबंधित सेक्शन में तेजी से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।
51 किलोमीटर ट्रैक चालू
झांसी-कानपुर डबल ट्रैक पर 206 किलोमीटर तक काम होना है। इसकी जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपी गई है। अभी तक 51 किलोमीटर ट्रैक का काम ही पूरा हो सका है।