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पाइप लाइन बनेगी बुंदेलखंड की ‘लाइफ लाइन’

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pm modi raily - फोटो : amarujala
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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड को 20 अरब रुपये की योजनाओं की सौगात दी है। बुंदेलखंड पाइप पेयजल योजना झांसी, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट और जालौन जिले की 44 लाख आबादी के लिए ‘लाइफ लाइन’ बनेगी। प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड के सभी सातों जिलों को कुछ न कुछ दिया है। योजनाओं से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा विकास का पहिया तेजी से घूमेगा।
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- डिफेंस कॉरिडोर: इसकी अनुमानित लागत अभी तय नहीं है। 3025.348 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। दस गांवों की जमीन अधिग्रहण करने के लिए 430.31 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं, जिसमें झांसी जिला के लिए 328 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- रेल सवारी डिब्बा कार्यशाला: इस पर 454 करोड़ खर्च होंगे। यह कारखाना रेलवे परिसर में 135 एकड़ जमीन पर स्थापित होगा। यह परियोजना झांसी और आसपास के लोगों को रोजगार का बड़ा माध्यम बनेगी, क्योंकि रेल डिब्बों के स्क्रैप से कई लोगों को रोजगार मिलेगा।
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- झांसी-खैरार-मानिकपुर व भीमसेन-खैरार रेल लाइन का दोहरीकरण: इस पर 4329.54 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना के अंतर्गत 42 बड़े और 456 छोटे पुल शामिल हैं। दोहरी रेल लाइन बनने से झांसी-खजुराहो के बीच महोबा और झांसी-कानपुर के बीच खैरार पर इंजन रिर्वस नहीं करना पड़ेगा।
- झांसी महानगर पेयजल पुनर्गठन योजना फेज-2: इस पर 600.43 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अमृत योजना के अंतर्गत साठ वार्डों की पेयजल व्यवस्था को 29 जोन में विभिक्त किया गया है। माताटीला बांध से कच्चे पानी को बबीना में शुद्ध कर करीब छह लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल मिलेगा।
- बुंदेलखंड क्षेत्र में पाइप पेयजल योजना: इस पर 9021.89 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के अंतर्गत यमुना, बेतवा, केन, मंदाकिनी, जामनी और धसान नदी के पानी को गांवों में पाइप लाइन के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इससे बुंदेलखंड के सातों जिलों के 2429 गांवों के 44 लाख आबादी को फायदा मिलेगा।
- प्रधानमंत्री पश्चिम क्षेत्र उत्तर क्षेत्र अंतर क्षेत्रीय सुदृढ़ीकरण पारेषण परियोजना भाग-बी: इस पर 4976 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के पूरे होेने पर पश्चिम और उत्तर क्षेत्र के पावर ग्रिड आपस में जुड़ जाएंगे। अभी झांसी समेत यूपी के अधिकांश जिले उत्तर पावर ग्रिड से जुड़े हैं।
- पहाड़ी बांध आधुनिकीकरण परियोजना सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का लोकार्पण किया। यह नया बांध मऊरानीपुर की धसान नदी पर 352.20 करोड़ रुपये से बनाया गया है। नदी पर डेढ़ सौ साल पुराना पहाड़ी बांध भी बना है, जिसकी क्षमता सिल्ट आने के कारण खत्म हो गई है। बांध से उत्तर प्रदेश के राठ और मध्यप्रदेश के कई इलाकों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।

पावर ग्रिड बन जाने से मिलेगी भरपूर बिजली
पारेषण परियोजना पूरी होने से पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड क्षेत्र के उरई, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बढ़ेगी। पश्चिमी यूपी और उत्तरी ग्रिड के बीच 2700 मेगावाट स्थानांतरण क्षमता में वृद्धि होगी। पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड क्षेत्र के आसपास के क्षेत्रों की मांग को पूरा करने के लिए उरई में महत्वपूर्ण उपकेंद्र बनेगा।
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