अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत महानगर में पिंक टॉयलेट बनवाए गए हैं। शनिवार को अमर उजाला ने इन टॉयलेट की पड़ताल की। बस स्टैंड पर पिंक टॉयलेट के आसपास अतिक्रमण था। इसके अलावा, बीकेडी के पिंक टॉयलेट का वाटर कूलर खराब मिला।
2.70 करोड़ की लागत से महानगर में मेडिकल कॉलेज, बस स्टैंड, जेल चौराहा, कोतवाली के पास, सीपरी बाजार, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम के पास महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट का निर्माण कराया गया है। इसके संचालन की जिम्मेदारी निविदा के जरिये एक फर्म को दी गई है। इसके लिए, स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से फर्म को प्रति टॉयलेट 15,500 रुपये मासिक दिए जाते हैं।
यहां सारी सुविधाएं नि:शुल्क हैं। सिर्फ मशीन से सेनेटरी पैड लेने पर पांच रुपये देने पड़ते हैं मगर कई पिंक टॉयलेट में बदइंतजामी है। बस स्टैंड के पास बने पिंक टॉयलेट के आसपास अतिक्रमण है। ऐसे में यहां आना-जाना ही मुश्किल है। वहीं, शाम चार बजे यहां पर कोई स्टाफ नहीं दिखा। इसके अलावा, बीकेडी स्थित पिंक टॉयलेट में वाटर कूलर खराब पड़ा था। इसके आसपास गंदा पानी बह रहा था।
ज्यादातर की जीआईएस मैपिंग नहीं
महानगर के ज्यादातर पिंक टॉयलेट की जीआईएस मैपिंग ही नहीं है। ऐसे में कोई व्यक्ति गूगल मैप पर जाकर पिंक टॉयलेट की जानकारी करना चाहे तो उसे कुछ जानकारी नहीं मिलेगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सिर्फ दो टॉयलेट की जीआईएस मैपिंग हुई है।
वर्जन..
जिस पिंक टॉयलेट के पास अतिक्रमण है, वहां टीम भेजकर हटवाएंगे। वॉटर कूलर भी जल्द सुधरवाया जाएगा। सभी की जीआईएस मैपिंग भी करवाएंगे। - मो. कमर, अपर नगर आयुक्त