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पीड़ित को ही तमंचा रखने के जुर्म में भेजा था जेल, थानेदार को हटाया

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police in jhansi - फोटो : demo
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पीड़ित को ही तमंचा रखने के जुर्म में भेजा था जेल, थानेदार को हटाया
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झांसी। पुत्री के साथ घर में घुसकर छेड़खानी व मारपीट की शिकायत करने गए पिता को थाना समथर पुलिस ने तमंचा रखने के जुर्म में जेल भेज दिया। परिजनों की शिकायत पर एसएसपी ने जांच कराई, जहां प्रथम दृष्टया शिकायत सही निकलने के बाद थानेदार को थाने से हटा दिया है। पूरे प्रकरण की जांच एएसपी ग्रामीण राहुल मिठास को सौंप दी गई है।
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थाना समथर के एक गांव में रहने वाले ग्रामीण की नाबालिग पुत्री के साथ गांव के रहने वाले एक युवक ने 6 सितंबर को घर में घुसकर छेड़खानी की थी। पुत्री के विरोध करने पर मारपीट कर धमकी देकर आरोपी युवक भाग निकला था। घटना की शिकायत करने पिता थाने गया था, जहां पुलिस ने बिना कार्रवाई के ही थाने से चलता कर दिया था। आरोप है कि मामले की शिकायत करने पिता थाने पहुंचा था, जहां पुलिस ने उल्टा थाने में हिरासत में लेने के बाद तमंचा लगाकर जेल भेज दिया था। जेल से छूटकर आने के बाद ग्रामीण ने अपनी पुत्री व पत्नी के साथ गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत से मिलकर घटना के बारे में जानकारी दी थी। इस पर गरौठा विधायक ने र्डीआईजी व एसएसपी से मिलकर प्रकरण उठाया था। एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच एएसपी ग्रामीण राहुल मिठास को सौंपी थी, जहां उन्होंने जांच में पाया था कि थानाध्यक्ष दिलीप मिश्रा को एफआईआर दर्ज कर लेनी चाहिए थी, जो उन्होंने नहीं की। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट बनाकर एसएसपी को सौंप दी थी, जहां थानेदार की कार्रवाई गलत पाए जाने के बाद एसएसपी ने समथर थानाध्यक्ष दिलीप मिश्रा को हटा दिया गया है। वहीं, तमंचा लगाकर जेल भेजने के मामले की जांच पुन: एएसपी राहुल मिठास ने शुरू कर दी है।
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एसएसपी की यह कार्रवाई उचित है, ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई होना जरूरी है। थाने पर आने वाले हर फरियादी की बात सुनकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
संजय एम तारडे, नोडल अधिकारी -एडीजी
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