संवाद न्यूज एजेंसी
गरौठा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुढ़ा की इमारत तो सालों से बनकर तैयार है, लेकिन यहां चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती न होने से ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। दो दर्जन गांवों के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये की लागत से यह अस्पताल बनाया गया। हालात यह है कि लोगों के बीमार होने पर उन्हें उपचार के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। शिकायतों के बाद भी चिकित्साकर्मी को तैनात नहीं किया गया।
मुख्य भवन के अलावा अस्पताल परिसर में स्टाफ के लिए लगभग आधा दर्जन आवास बनाए गए। इनका उपयोग न होने से जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए बोरिंग और टंकी स्थापित की गई। उपयोग आज तक नहीं हुआ। ग्राम प्रधान चंद्रभान सिंह परमार ने डॉक्टर व स्टाफ की स्थायी नियुक्ति को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। वर्तमान में एलटी ही कभी कभार आते हैं। ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए 25 किमी दूर गरौठा जाना पड़ता है। 30 किमी दूर मऊरानीपुर तक भटकना पड़ता है।
वर्जन
पीएचसी पर चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती न होने की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। ग्रामीण को स्वास्थ्य सुविधाओं का भरपूर लाभ दिया जाएगा।
- अवनीश कुमार तिवारी, एसडीएम, गरौठा
)))))
चिकित्सकों की तैनाती न होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही अस्पताल में चिकित्सकों व स्टॉफ की तैनाती की जाएगी। - ओपी राठौर, चिकित्साधिकारी, गुरसराय