पहूज (पुष्पावती) नदी स्मार्ट सिटी में शामिल हो पाएगी या नहीं, इस पर संशय मंडरा रहा है। सांसद/ केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने नदी को स्मार्ट सिटी में शामिल करने को कहा था, लेकिन नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी को पत्र लिखकर स्मार्ट सिटी बोर्ड में नदी को शामिल करने पर असमर्थता जताई है। ऐसे में अब यह निर्णय झांसी स्मार्ट सिटी बोर्ड को लेना होगा कि नदी को स्मार्ट सिटी में शामिल किया जाए या नहीं।
पहूज नदी में सीपरी बाजार से जाने वाले नाले गिरते हैं। नदी के पुल से महानगरवासी कचरा डालते हैं, इस कारण नदी का पानी बहुत गंदा हो गया है। स्थिति यह है कि नदी के पास से निकलने पर बदबू आती है। केंद्रीय मंत्री ने पिछले दिनों नदी का निरीक्षण कर नदी को स्मार्ट सिटी में शामिल करने को कहा था। लेकिन, इसमें पेंच फंसता नजर आ रहा है, क्योंकि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत महानगर में जो- जो काम होने हैं, उसका पहले से पूरा प्लान तैयार हो चुका है। इस प्लान पर एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) की मुहर लग चुकी है, इसलिए अब इसमें संशोधन हो पाना बड़ा मुश्किल है। दूसरे नदी के किनारे विकास करने की योजना (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) जेडीए के पास है, इसलिए भी नगर निगम नदी के विकास से हाथ खींच रहा है। यदि जेडीए तैयार हो गया तभी नदी के घाटों का विकास कार्य कराया जा सकता है।
बता दें कि पहूज नदी को केंद्रीय मंत्री ने गोद लिया हुआ है। लेकिन, पांच साल हो गए अब तक नदी की ओर ध्यान नहीं दिया गया है। यदि नदी को श्रमदान के माध्यम से ही थोड़ा- थोड़ा साफ किया गया होता तो आज यह स्थिति नहीं होती।
नीति आयोग ने की थी नालों पर एसटीपी की सिफारिश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद योजना आयोग भंग कर नीति आयोग गठित किया गया और नीति आयोग की टीम ने पहूज नदी के पुनरुद्धार के लिए नदी का निरीक्षण किया था। तब सीपरी बाजार समेत आसपास के अन्य नालों का पानी नदी में जाने से रोकने के लिए नीति आयोग ने नालों के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की सिफारिश की थी, लेकिन तब से लेकर अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। इसी का नतीजा है कि पहूज नदी अब तक मैली की मैली है।
मैंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपनी असमर्थता जता दी है। नगर निगम नदी को ‘स्मार्ट’ बनाने का काम नहीं कर सकता है, इसलिए अब निर्णय जिलाधिकारी को करना है।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त