झांसी। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन होने के कारण लोग घरों में ही कैद हैं। जंक फूड की दुकानें भी बंद हैं। ऐसे में लोग घर का बना हुआ खाना खा रहे हैं। तेज धूप में पसीना-पसीना नहीं हो रहे हैं। इन सबका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। वे कम बीमार हो रहे हैं।
पिछले सालों तक गर्मियों में अस्पतालों में डायरिया, पेट दर्द, दस्त, डिहाइड्रेशन, त्वचा समेत कई रोगों के मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती थीं। वहीं, इस सीजन में इन रोगों के गिने-चुने मरीज ही पहुंच रहे हैं। पहले जहां जिला अस्पताल में इस सीजन में 1200-1500 रोगी आते थे, वो अब घटकर 100 हो गए हैं। यही हाल मेडिकल कॉलेज का भी है। मेडिकल कॉलेज में सभी ओपीडी मिलाकर दो हजार मरीज उपचार कराने के लिए आते थे, अब महज दो सौ आ रहे हैं।
लॉकडाउन में लोगों घर का खाना खा रहे हैं। जंक फूड से बिल्कुल दूर हैं। इस कारण पेट दर्द, दस्त, उल्टी रोग नहीं हो रहा है। इसके अलावा डायरिया, के रोगी भी बहुत कम हो गए हैं। मौजूदा समय में सिर्फ दस फीसदी मरीज ही ओपीडी में आ रहे हैं। - डॉ. डीएस गुप्ता, फिजीशियन, जिला अस्पताल।
मौजूदा समय में मरीजों की संख्या तेजी से घटी है। लोगों को साफ-सफाई का महत्व भी समझ में आया होगा। आगे भी लोग घर का खाना और साफ पानी पीएंगे तो रोगों से बचे रहेंगे। जंक फूड खाने से तो विभिन्न तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो ही जाती हैं। - डॉ. रजत जैैन, फिजीशियन, मेडिकल कॉलेज।