मंगलवार तड़के हुई भारी बारिश के चलते बुंदेलखंड की सतार, पहूंज, शहजाद, सजनम, धसान समेत कई नदियां उफना उठीं। तेज बहाव के चलते कई स्थानों पर जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया। पांच घंटे तक झांसी-ओरछा मार्ग भी ठप रहा।
झांसी। सुबह करीब सात बजे सतार नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने से झांसी-ओरछा मार्ग पर बनी पुलिया डूब गई। इससे झांसी-ओरछा के बीच सड़क से संपर्क टूट गया। पुलिया के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। झांसी से ओरछा गए सैकड़ों लोग वहीं फंस गए। करीब पांच घंटे तक इस रास्ते से यातायात ठप पड़ा रहा। दोपहर 12 बजे के बाद जलस्तर में कमी आने पर धीरे-धीरे लोगों को निकाला गया। वहीं, पुलिया के डूब जाने की वजह से कई लोग पृथ्वीपुर के रास्ते लौटे। वहीं, झांसी-शिवपुरी हाईवे (एनएच-27) पर रक्सा टोल के पास करीब तीन फुट पानी भर गया। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। यहां भी दोपहर एक बजे के बाद ट्रैफिक बहाल हो सका।
बुंदेलखंड में नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी
खतरे का जलस्तर
मौजूदा जलस्तर
खतरे के निशान से नीचे
बेतवा नदी (नोट घाट)
205
192.470
12.530
यमुना नदी (कालपी)
108
98.060
9.940
बेतवा नदी (मोहना)
122
109.680
12.984
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सुकुवां-ढुकुवां, पहाड़ी एवं लहचूरा बांध के भी खुले गेट, माताटीला एवं राजघाट में अभी नहीं पहुंचा पानी झांसी। झांसी समेत आसपास के इलाकों में हुई भारी बारिश के चलते छोटी नदियों के जलस्तर में भी तेजी से इजाफा हुआ। मंगलवार सुबह बारिश के बाद कैचमेंट का पानी भरने से पारीछा बांध से 24 हजार क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया। हालांकि, मध्य प्रदेश के विदिशा, भोपाल आदि इलाकों में अभी बारिश न होने से बेतवा में उफान नहीं आया। इससे राजघाट एवं माताटीला बांध का जलस्तर मानक से काफी नीचे है।
सिंचाई अभियंताओं के मुताबिक, मंगलवार को बारिश के बाद मऊरानीपुर स्थित लहचूरा बांध के तीन गेट को डेढ़ मीटर खोलकर 22,800 क्यूसेक पानी बाहर निकाला गया। पहाड़ी बांध के चार नंबर गेट को एक मीटर ऊंचाई तक खोलकर पानी निकाला गया। अधिशासी अभियंता पंकज सिंह का कहना है कि अभी बेतवा नदी में पानी न होने की वजह से माताटीला बांध के गेट नहीं खोले गए। ब्यूरो