ललितपुर। वायरल फीवर के बाद अब मरीजों में वायरल अर्थराइटिस की समस्या हो रही है। मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे 30 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसको ठीक होने में लगभग एक माह का समय लग रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि तेज धूप के बाद तापमान कम होने और मौसम ठंडा होने से गठिया से पीड़ित लोगाें में दर्द की समस्या बढ़ रही है। इस समस्या के भी चार से पांच मरीज रोजाना आ रहे हैं।
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दिक्कत होने पर विशेषज्ञ से लें सलाह
मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. महेश नवेदया ने बताया कि नमी वाले मौसम में संक्रमण होता है। सर्दी, खांसी, वायरल फीवर, टायफाइड, डेंगू समेत अन्य समस्याओं के मरीज आते हैं। ठीक होने के बाद घुटने, एड़ी, कंधे व अन्य जोड़ों में दर्द के साथ सूजन भी आ जाती है। इसे वायरल अर्थराइटिस कहते हैं। यह समस्या दो से चार सप्ताह के इलाज में दूर हो जाती है। डॉ. केके मिश्रा ने बताया कि चिकित्सीय परामर्श पर ही दवाइयों का सेवन करें।
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इस तरह बरतें सावधानी
- खानपान पर नियंत्रण रखें।
- ठंडे पदार्थों का सेवन न करें।
- विटामिन सी से भरपूर संतरा, नींबू का सेवन करें
- पौष्टिक भोजन और हरी-सब्जी का सेवन करें
- स्वच्छ पानी पिएं।
- मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।