झांसी। सरकार के लाख दावों के बावजूद किसानों को उपज का दाम सही समय पर नहीं मिल रहा। मूंगफली के 1974 किसानों का क्रय केंद्रों पर करीब 17 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि बकाया हो चुकी। किसान पैसों के लिए केंद्रों का चक्कर काट रहे हैं लेकिन, कहीं से उनको राहत नहीं मिल रही।
सरकारी क्रय केंद्रों में उपज बेचने के 72 घंटे के भीतर किसान के खाते में भुगतान भेजने का सरकार दावा करती है लेकिन, जमीनी हकीकत इसके ठीक उलटी है। झांसी में मूंगफली किसानों के खाते में उपज बेचने के करीब बीस दिन बाद भी भुगतान नहीं आया। इस बार यहां मूंगफली की फसल अच्छी हुई लेकिन, सरकार ने काफी विलंब से खरीद केंद्र खोले। दिसंबर माह से पीसीयू के मड़रवारा, भोजिला, एरच एवं पीसीएफ ने रामनगर एवं भसनेह में खरीद केंद्र आरंभ हुए। बताया जा रहा अब तक 3782.210 मैट्रिक टन मूंगफली 2201 किसानों से खरीद गई लेकिन, सिर्फ सिर्फ 227 किसानों को 2.04 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया जा सका। वहीं, 1974 किसानों का 17.90 करोड़ रुपया अब तक बकाया है।
भुगतान न मिलने से किसान काफी परेशान हैं। भोजला मंडी में उपज बेचने वाले श्याम नारायण मनोज, अवधबिहारी, सतीश चंद, रामनरेश, सोनू अहिरवार आदि का कहना है शुरूआत में ही उन्होंने मंडी में उपज बेची थी। उनको तीन दिन के भीतर भुगतान का भरोसा दिलाया गया था लेकिन, कई चक्कर लगाने के बाजवूद खाते में पैसा नहीं आया। इन किसानों का कहना है सरकारी मंडी में बेचने के लिए उपज अपने पास रखे रहे लेकिन, अब भुगतान के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
जल्द भुगतान के लिए केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं। 227 किसानों का भुगतान करा दिया गया है। शेष किसानों का भी भुगतान जल्द ही कराया जाएगा।
उदयभानु सिंह
उपनिबंधक सहकारिता