संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में मधुमेह, लीवर व पाइल्स, कफ सीरप समेत अन्य दवाइयां नहीं मिल पा रही है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर तबके के मरीज महज परामर्श के ही वापस हो रहे हैं। वहीं, कुछ मरीज बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने को मजबूर हैं। शुक्रवार को उपचार को आए मरीजों को खासी परेशानी से जूझना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नए 300 बेड भवन में संचालित किया जा रहा है। रिसेप्सन सेंटर भी स्थापित किया गया है। वहीं अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे सेंटर संचालित किया गया है। सैंपल कलेक्शन सेंटर आदि संचालित किए जा रहे हैं। वहीं छह दवा काउंटर खोल दिए हैं। लेकिन, दवा वितरण काउंटर हाथी दांत साबित हो रहे हैं। मरीजों को समुचित दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पा रहीं हैं। यहां पर कफ सीरप तक नहीं मिल सके। वहीं लीवर, विटामिन ई व पाइल्स के मरीजों को मरहम, खून आने की स्थित में रोकने वाली दवा समेत अन्य दवाइयां नहीं मिल पा रहीं हैं। ऐसे में उपचार को आ रहे मरीज खाली हाथ लौट रहे हैं। कई मरीज तो काउंटर पर सीरप व पूरी दवाइयों की मांग कर रहे हैं। हार्ट के मरीजों को नियमित खाने के लिए दवा नहीं मिल पा रही है।
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फोटो- 21
कैप्सन- देवेश, तेरा
बुखार, खांसी व जुकाम की समस्या है। चिकित्सक खांसी का सीरप लिखा है। लेकिन, मिल नहीं पा रहा है।
- देवेश, तेरा
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फोटो- 22
कैप्सन - राजकुमार
मेडिकल कॉलेज में खांसी का सीरप नहीं मिला। कई बार मांग की, न होने का हवाला दिया। अब खांसी मिटने की परेशानी है।
- राजकुमार
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वेयर हाउस में दवाइयां पर्याप्त मात्रा में हैं। मेडिकल कॉलेज में कमी के आधार पर मंगाकर उपलब्ध कराई जाएंगी।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक