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मानवीय संवेदनाएं तार-तार: भर्ती मरीज को दवा लेने भेजा, लाइन में गश खाकर गिरा... 20 मिनट तक किसी ने नहीं उठाया

Mon, 30 Dec 2024 07:29 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर

सार

मरीज अपनी ईसीजी जांच का पर्चा लेकर दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने के लिए कतार में लगा था। दवा लेते समय ही अचानक गश खाकर गिर गया। गिरने के बाद मरीज लगभग 15 से 20 मिनट तक दवा वितरण खिड़की के पास पड़ा रहा।
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दवा वितरण कक्ष के पास फर्श पर लेटा मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए कतार में लगा मरीज गश खाकर अचानक गिर गया। गिरने पर मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सुध नहीं ली और वह 15 मिनट तक खिड़की के पास पड़ा रहा, जब इसकी सूचना प्रधानाचार्य डॉ डी नाथ को मिली तो तत्काल इमरजेंसी के कर्मियों को भेजा और इमरजेंसी में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद वॉर्ड में भर्ती करा दिया है। अब हालत में सुधार बताया जा रहा है।

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ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम करगन निवासी छोटेलाल (30) को कमजोरी थी, साथ ही बुखार आ रहा था। परेशान होकर मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने के लिए आया था। जहां पर चिकित्सक ने परामर्श के बाद भर्ती की सलाह दी। मरीज वॉर्ड में पहुंच कर भर्ती हो गया। यहां पर तैनात कर्मियों ने बताया कि दवा ले आओ, नहीं तो दवा वितरण खिड़की बंद हो जाएगी। मरीज अपनी ईसीजी जांच का पर्चा लेकर दवा वितरण कक्ष पर दवा लेने के लिए कतार में लग गया। अधिक भीड़ होने पर मरीज कतार में लगा रहा।

लेकिन, दवा लेते समय ही अचानक गश खाकर गिर गया। गिरने के बाद मरीज लगभग 15 से 20 मिनट तक दवा वितरण खिड़की के पास पड़ा रहा। इस दौरान किसी ने सुध तक नहीं ली। हद तो तब हो गई, जब दवा वितरण कक्ष के कर्मचारियों को जानकारी होने के बाद भी मानवीय संवेदनाएं नहीं जागी। मरीज खिड़की के पास पड़ा रहा। जब मामले की जानकारी प्रधानाचार्य डॉ डीनाथ को हुई तो उन्होंने प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ डीके राज को मरीज को इमरजेंसी में भेजने व उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए। डॉ डीके राज ने इमरजेंसी कर्मचारियों को भेजकर भर्ती कराया। इसके बाद मरीज का पर्चा देखा, जिसमें ईसीजी जांच लिखी थी, जिस पर ईसीजी जांच की गई। मरीज को सभी प्रकार की दवाइयां दी गईं। इसके बाद मरीज की हालत में सुधार होने पर वॉर्ड में भर्ती करा दिया।

मानवीय संवेदनाएं हुईं तार-तार
जब मरीज दवा लेने के बाद खिड़की के पास गिर गया। गिरने के बाद वह नीचे पड़ा था, इसके बाद लाइनों में लगे लोगों ने किसी ने भी नहीं उठाया। उठाना तो दूर एक के बाद एक सभी लोग उसे लांघते हुए निकल जा रहे थे। मरीज के बेहोश होने के चलते कोई जानकारी नहीं थी। इसमें लोग ही नहीं अस्पताल के कर्मचारियों ने भी मानवीय संवेदनाएं नहीं दिखाईं। ऐसे में कर्मचारियों व अधिकारियों और लोगों की मानवीय संवेदनाओं की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

दवा वितरण कक्ष के पास मरीज के पड़े होने की जानकारी होने पर प्रभारी सीएमएस को निर्देशित कर भर्ती कर उपचार दिया गया है। - डॉ. डीनाथ, प्रधानाचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय 
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मरीज के दवा वितरण कक्ष के पास पड़े होने की जानकारी पर इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां पर जांच के बाद वॉर्ड में भर्ती करा दिया है। अब हालत में सुधार है। - डॉ. डीके राज, प्रभारी, सीएमएस
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