झांसी। ताज एक्सप्रेस का संचालन तीन महीने के लिए निरस्त होने से नई दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्री परेशान होने लगे हैं। चूंकि, इस ट्रेन में सिर्फ बैठने (चेयरकार) की व्यवस्था होने के कारण किराया कम लगता है। जबकि दूसरी ट्रेनों में स्लीपर चार्ज जुड़ जाता है। इस कारण यह ट्रेन दिल्ली की तरफ जाने वाले बुंदेलखंड के लोगों के लिए बेहद सुगम मानी जाती है। बुधवार को इस ट्रेन के निरस्त होने से यात्री दूसरी गाड़ियों में कंफर्म सीट तलाशते रहे।
झांसी से निजामुद्दीन जाने वाली 12779 ताज एक्सप्रेस झांसी से दोपहर 3.20 बजे रवाना होती है। इस ट्रेन को रास्ते में दतिया, डबरा, ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट, राजा की मंडी, मथुरा व फरीदाबाद स्टेशन पर ठहराव दिया गया है। इस ट्रेन के प्रतिदिन चलने से यात्रियों को आराम से कंफर्म सीट मिल जाती है। यह ट्रेन झांसी से निजामुद्दीन पहुंचाने में छह घंटे 45 मिनट का समय लेती है। रेल प्रशासन ने आगामी कोहरे के मद्देनजर इस ट्रेन का संचालन झांसी से ग्वालियर के बीच संचालन एक दिसंबर से 28 फरवरी तक निरस्त कर दिया है। इससे यात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। एक तो आसानी से कंफर्म सीट नहीं मिल पा रही है और दूसरा किराया भी ज्यादा देना पड़ रहा है। इस ट्रेन में झांसी स्टेशन से प्रतिदिन तीन सौ से अधिक सफर करते हैं।