बांदा ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ने लगी सवारी गाड़ी
झांसी। झांसी- बांदा ट्रैक पर मालगाड़ी के बाद अब इलेक्ट्रिक इंजन से सवारी ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया गया है। फिलहाल अभी झांसी- बांदा पैसेंजर ही इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जा रही है। पता हो कि कानपुर से बांदा और बांदा से झांसी के बीच विद्युतीकरण पूरा होने से दो रास्ते ट्रेनों को निकालने के लिए मिल गए हैं। साथ ही, इससे व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ सकेंगी।
अभी झांसी से मानिकपुर तक सिंगल ट्रैक है। अभी तक विद्युतीकरण न होने से डीजल इंजन से ट्रेनें चलाई जाती थीं। इस ट्रैक पर प्रतिदिन अप और डाउन की 25 सवारी और इतनी संख्या में मालगाड़ी दौड़ती हैं। झांसी-खैरार-मानिकपुर और भीमसेन-खैरार स्टेशनों के बीच सिंगल ट्रैक पर 408 किलोमीटर पर विद्युतीकरण काम चल रहा है। 300 किलोमीटर में विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। इसमें भीमसेन से खैरार और झांसी से खैरार (बांदा) के बीच काम पूरा कर लिया गया है। बाकी काम दिसंबर 2019 तक पूरा हो जाएगा।
वहीं, झांसी से बांदा के बीच (191 किलोमीटर) फरवरी से आवश्यकतानुसार मालगाड़ियों को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाना शुरू कर दिया गया था। 20 अगस्त से 51807/51808 झांसी बांदा पैसेंजर का संचालन भी इलेक्ट्रिक इंजन से चालू कर दिया गया है।
झांसी- बांदा पैसेंजर का संचालन इलेक्ट्रिक इंजन से शुरू कर दिया गया है। इस रूट पर मालगाड़ी भी आवश्यकतानुसार इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जा रही है।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
ये ट्रेनें दौड़ती हैं
झांसी-मानिकपुर ट्रैक पर प्रमुख रूप से यूपी संपर्क क्रांति, महाकौशल एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस, उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस, झांसी-इलाहाबाद पैसेंजर, झांसी-बांदा पैसेंजर, झांसी-मानिकपुर पैसेंजर ट्रेनें दौड़ती हैं।
ये होंगे लाभ
- मेंटेनेंस ब्लाक के लिए बेहतर समय मिल सकेगा।
- कार्बन उत्सर्जन में कमी, पर्यावरण संरक्षण में बढ़ावा।
- ईंधन पर निर्भरता में कमी, समय पालन में सुधार।
यह भी है तैयारी
रेलवे ने विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद कानपुर से भीमसेन, भीमसेन से खैरार, खैरार से झांसी और खैरार से मानिकपुर इलाहाबाद की तरफ इस ट्रैक को मालभाड़ा गलियारा के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। चूंकि, अभी कानपुर से झांसी की तरफ मालगाड़ियां लाई जाती हैं, लेकिन इस ट्रैक पर सवारी गाड़ियों की संख्या अधिक होने के कारण मालगाड़ियों को निकालने में वक्त लगता है। जल्द ही, मालगाड़ियों को भीमसेन से खैरार और खैरार से झांसी तक लाया जाएगा। इससे मालगाड़ियों की संख्या में तो इजाफा होगा। साथ ही, इस रूट पर पड़ने वाले प्रमुख स्टेशनों से जुड़े बुंदेलखंड के व्यापारियों को दूसरे शहरों तक माल निर्यात करने में आसानी हो सकेगी।