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आयोग की परीक्षा तो पास कर ली, मगर फर्जी डिग्री में फंस गया जीएसटी इंस्पेक्टर

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झांसी। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की फर्जी अंकतालिका लगाकर सरकारी नौकरी पाने का एक और मामला सामने आया है। खास बात ये है कि स्नातक की फर्जी डिग्री लेने वाले युवक ने एसएससी की परीक्षा तक पास कर ली। जब दस्तावेज जांच के लिए बीयू भेजे गए तो कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
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बिहार में लगभग दो साल पहले एक युवक की कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा पास करने के बाद जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी लग गई। युवक ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज भी पेश किए, जिसमें उसने बीयू से पढ़ाई करने की मार्कशीट भी लगाई। कुछ समय पहले पटना के सेंट्रल जीएसटी कार्यालय की तरफ से युवक की मार्कशीट की जांच के लिए बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी को पत्र लिखा गया। बीयू के अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी कार्यालय के असिस्टेंट कमिश्नर विजिलेंस ने दस्तावेजों की जांच के लिए दो इंस्पेक्टरों को भी साथ भेजा। नौकरी कर रहे युवक को 2012 में बीयू से बीएससी मैथ्स में स्नातक की मार्कशीट, डिग्री जारी हुई थी। अति गोपनीय विभाग से दस्तावेज मंगवाकर जांच की गई तो पता चला कि उस नाम, रोल नंबर के किसी व्यक्ति का रिकॉर्ड चार्ट में नहीं है। बीयू अधिकारियों ने संबंधित अधिकारी को मार्कशीट, फर्जी डिग्री होने की जानकारी देते हुए पत्र भी भेज दिया है। अब फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाए युवक पर कार्रवाई तय है।
बीयू की फर्जी डिग्री पर बर्खास्त हुए हैं 38 अमीन
बीयू की फर्जी डिग्री लेकर नौकरी पाने का ये पहला मामला नहीं है। हाल ही में बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी का फर्जी डिप्लोमा लगाकर बिहार के 38 अमीनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। दरअसल, बिहार के भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने जुलाई 2020 में संविदा पर 3456 अमीनों की नियुक्तियां निकाली थीं। 38 अभ्यर्थियों ने बीयू से सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा लगाकर संविदा पर नौकरी पा ली। जबकि, ये कोर्स यहां चलता ही नहीं है। बीयू की रिपोर्ट के बाद सभी के खिलाफ कार्रवाई हुई।
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ऑनलाइन आवेदन के बाद पकड़े 100 से ज्यादा मामले
बीयू की फर्जी डिग्री और अंकतालिका बनाने में एक बड़ा सिंडीकेट काम करता है। इसमें बीयू के भी कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता है। कुछ समय पहले तक इस सिंडीकेट से जुड़े सदस्य सत्यापन के लिए बीयू आने वाली फर्जी मार्कशीट और डिग्रियों को सही लिखकर भेज देता था। मगर पिछले डेढ़ साल से बीयू ने दस्तावेजों के सत्यापन के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। ऐसे में अब इस फर्जीवाड़े पर रोक लग गई है। ऑनलाइन सत्यापन के बाद से अब तक 100 से ज्यादा फर्जी डिग्री के मामले पकड़ में आ चुके हैं।
पटना के सेंट्रल जीएसटी कार्यालय के असिस्टेंट कमिश्नर विजिलेंस ने वहां तैनात एक जीएसटी इंस्पेक्टर की मार्कशीट डिग्री की जांच के लिए पत्र लिखा था। जांच के दौरान दस्तवेजों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। संबंधित अधिकारी को इस संबंध में पत्र लिख दिया गया है। वहीं, पिछले डेढ़ साल में ऑनलाइन आवेदन शुरू होने के बाद 100 से ज्यादा फर्जी मार्कशीट डिग्री के मामले पकड़े जा चुके हैं। - राजबहादुर, परीक्षा नियंत्रक, बीयू।
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