रेलवे स्टेशन पर यात्री अब लिफ्ट और रैंप के रास्ते दूसरे प्लेटफार्मों पर पहुंच सकेंगे। शनिवार को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने इस ब्रिज पर नवनिर्मित रैंप और लिफ्ट का उद्घाटन किया। साथ ही बिजौली सबस्टेशन के नजदीक नए अंडर सबवे और नवीनीकृत वीआईपी लाउंज (वीआईपी रूम) व टीटीई लॉबी का शुभारंभ किया। लिफ्ट की 1020 किलोग्राम क्षमता है। इस हिसाब से लिफ्ट में 12 से 15 यात्री एक साथ सवार हो सकेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झांसी का नाम सुनकर ऊर्जा का संचार होता है। रेलवे के लिए जिन योजनाओं की घोषणा हुई थी, वह धीरे- धीरे पूरी होती जा रही हैं। लिफ्ट और रैंप वृद्ध और दिव्यांग यात्रियों को राहत देंगे। झांसी और ललितपुर को पर्यटन की दृष्टि से जोड़ा जा रहा है। इस योजना से 1857 की क्रांति से जुड़े स्थलों को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।
डीआरएम एके मिश्रा ने बताया कि भविष्य में डबल कंटेनर (एक के ऊपर एक) पटरियों पर दौड़ेंगे। इस बात का ध्यान रखकर नए ब्रिज का निर्माण किया गया है। इसलिए इसकी ऊंचाई ज्यादा लगती है। जल्द ही प्लेटफार्म दो तीन और चार पांच पर भी लिफ्ट लगाई जाएगी। बिजौली स्टेशन के निकट क्रासिंग नंबर 363 पर अंडर सबवे (भूमिगत रास्ता) बनने से अब यहां के लोगों को पटरियां पार करने का जोखिम नहीं लेना पड़ेगा। इन सभी कार्यों पर 7.40 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सीपरी बाजार ओवरब्रिज निर्माण के लिए गार्डर न मिलने के कारण देरी हो रही है। उम्मीद है कि जून तक सभी गार्डर मिल जाएंगे।
इस मौके पर विधायक रवि शर्मा, राजीव सिंह पारीछा, महापौर रामतीर्थ सिंघल, अपर मंडल रेल प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता अनुभव अग्रवाल, उप मुख्य अभियंता (निर्माण) डीके पांडे, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सारिका मोहन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विपिन कुमार सिंह ने किया।
बुंदेलखंड पर नहीं बोलीं उमा
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती से बुंदेलखंड राज्य निर्माण और झांसी- ललितपुर क्षेत्र से चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पूछे, मगर उन्होंने इन सवालों से किनारा कर लिया। उनका कहना था कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण से जुड़े आंदोलनकारी कह रहे हैं कि उनके बयानों से उनका आंदोलन कमजोर हो रहा है। सपा- बसपा गठबंधन पर उनका कहना था कि ऐसा होने से उनकी पार्टी वक्त पर एलर्ट हो गई है। जनता पीएम मोदी के साथ है और बहुमत उनको ही मिलेगा। इस गठबंधन से कांग्रेस की जरूर चिंता बढ़ गई है।
उतरने के लिए नहीं अभी कोई व्यवस्था
प्लेटफार्म एक के नए ब्रिज पर लिफ्ट और रैंप तो बना दिए गए हैं, लेकिन अभी प्लेटफार्म दो- तीन और चार पांच पर इनकी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अगर कोई दिव्यांग या वृद्ध यात्री व्हील चेयर या अन्य साधन से दूसरे प्लेटफार्म पर जाना चाहता है तो उसके उतरने की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में सभी यात्रियों को इन सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा, यह मुश्किल लग रहा है।
रैंप और लाँबी का नहीं काटा फीता
रेलवे ने रैंप और टीटीई लॉबी का उद्घाटन के लिए फीता काटने का इंतजाम किया था। मगर, केंद्रीय वहां तक नहीं गईं। इससे फीता बंधा ही रह गया।
टीटीई लॉबी के कार्य में खानापूरी
टीटीई लॉबी के नवीनीकृत कार्य में खानापूरी की गई। लॉबी के अंदर इलेक्ट्रिक वायरिंग नहीं बदली गई और न ही स्विच बोर्ड। टिकट चेकिंग कर्मचारियों के न तो बैठने का इंतजाम है और न ही उनको सूटकेस बांधने के लिए जगह दी गई। कर्मचारियों में यह कमियां चर्चा में बनी रहीं। मालूम हो कि, पिछले सवा साल से इसके नवीनीकरण का काम चल रहा था।
इस तरह खर्च हुआ पैसा
नए ब्रिज पर रैंप निर्माण के लिए एक करोड़ चालीस लाख और लिफ्ट लगाने में 25 लाख 30 हजार रुपये का बजट खर्च किया गया। आग लगने के कारण क्षतिग्रस्त हुए वीआईपी लाउंज पर तीन लाख रुपये और टीटीई लॉबी पर साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किए गए। बिजौली स्टेशन के नजदीक पर भूमिगत सबवे बनाने पर 5.60 करोड़ का बजट व्यय हुआ।