इन दिनों पालतू कुत्तों में पार्वो वायरस का अटैक कहर ढा रहा है। इस रोग की चपेट में आने से पालतू कुत्तों की मौतों में लगातार इजाफा हो रहा है। जिले में पार्वों वायरस के अटैक से तीन माह में अब तक तीस पालतू कुत्तों की मौत हो गई है। जबकि जिला पशु चिकित्सालय में रोजाना बीस कुत्ते इलाज कराने के लिए लाए जा रहे हैं। इनमें से औसतन दस में पार्वों वायरस का संक्रमण पाया जा रहा है।
पार्वो वायरस एक विषाणु जनित रोग है, जो कुत्तों में लगातार फैल रहा है। इस बीमारी के लक्षण दिखाई देने के बाद सही समय पर उपचार नहीं होने की दशा में कुत्तों की मौत हो सकती है। वहीं, नियमित वैक्सीनेशन नहीं होने के कारण भी पालतू कुत्ते इस बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। विदेशी नस्ल के कुत्तों में यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
दिसंबर माह से अब तक तीस कुत्तों की मौत हो गई है। इसकी चपेट में आते ही कुत्तों को उल्टी और खूनी दस्त होना शुरू हो जाते हैं और वह खाना छोड़ देता है। साथ ही कुत्ता काफी सुस्त हो जाता है। इसके बचाव के लिए कुत्तों का लगभग सप्ताह भर इलाज होना आवश्यक है। इलाज के दौरान उनको एंटी वायरस इंजेक्शन लगाए कर इलाज किया जाता है।
इस संबंध में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सुरेश कुमार ने बताया की कुत्तों में पार्वो वायरस तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी से अब तक तीस कुत्तों की मौत हो गई है। जबकि रोजाना दस कुत्तों का इलाज किया जा रहा है। नियमित वैक्सीन नहीं होने के कारण कुत्ते इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।