फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साढ़े तीन साल में पार्षदों के 300 सवाल, नहीं मिले जवाब

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। नगर निगम के अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सवालों और प्रस्तावों को भी ताक पर रख रहे हैं। आलम यह है कि आए दिन पार्षद अपने सवाल और प्रस्ताव नगर निगम अधिकारियों को दे रहे हैं, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नगर निगम में करीब 300 सवाल और प्रस्ताव ऐसे हैं, जिनके न तो जवाब मिले और न ही कोई अमल किया गया।
विज्ञापन

लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा की तरह नगर निगम का सदन भी संविधानिक प्रक्रिया के तहत कार्य करता है। नगर निगम के 70 पार्षदों में से रोज करीब पांच से छह पार्षद अपने क्षेत्र और अन्य समस्याओं को लेकर लिखित रूप से महापौर और नगर आयुक्त को संबोधित करते हुए सवाल और प्रस्ताव देते हैं। इनमें अधिकतर प्रस्ताव सफाई, नगर निगम की व्यवस्थाएं, अतिक्रमण, मार्ग प्रकाश, संपत्ति और निर्माण से संबंधित होते हैं। पिछले साढ़े तीन साल में नगर निगम में पार्षद करीब 300 सवाल और प्रस्ताव दे चुके हैं। जिनके जवाब आज तक नहीं मिले हैं। पार्षद नगर निगम के चक्कर काटते रहते हैं और अधिकारी कोई जवाब नहीं देते हैं। इसके साथ ही अगर कोई जवाब मिला भी है, तो वो गोलमोल होता है। पार्षद कई बार इसे लेकर सदन में विरोध जता चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
पार्षद प्रदीप नगरिया कहते हैं कि अपने क्षेत्र में सफाई कर्मचारी की बढ़ोतरी, नगर निगम बैठकों की संख्या और खर्च को लेकर 7-8 बार सवाल उठाए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बैठकों में भी अधिकारी जवाब नहीं देते। पार्षद दिनेश प्रताप सिंह दीपू कहते हैं कि सरकारी जमीनों पर कब्जे को लेकर 20 बार सवाल उठाए हैं, लेकिन जवाब नहीं मिलता। अगर जवाब मिल भी जाए, तो वो भी गोलमोल होता है। पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार कहते हैं कि हर बार सदन में तमाम मुद्दों को लेकर 15-20 बार सवाल उठा चुका हूं, लेकिन अधिकारी जवाब नहीं देते। पार्षद जुगल किशोर का कहना है कि मैनें भी कई बार कूड़ा कलेक्शन, पार्क की समस्याओं को लेकर सवाल पूछे हैं, लेकिन अधिकतर जवाब नहीं मिलते हैं।
विज्ञापन

इन मुद्दों पर सवालों की भरमार
- सफाई व्यवस्था, सफाई कर्मचारियों और हवलदारों की तैनाती और समायोजन
- नगर निगम की जमीनों पर कब्जों की स्थिति।
- महानगर की तिरंगा लाइट, स्ट्रीट लाइट को लेकर सवाल।
- नगर निगम के वाहनों की खरीद और रखरखाव को लेकर सवाल।
- पार्कों के रखरखाव और नए उपकरणों की खरीद को लेकर सवाल।
- पार्किंग, तालाब ठेका, विज्ञापन को लेकर सवाल।
- नगर निगम के विभिन्न प्लांट के संचालन को लेकर सवाल।
- गृहकर वसूली और गृहकर सर्वे को लेकर सवाल।
- निर्माण कार्यों की जानकारी और गुणवत्ता को लेकर सवाल।
- नगर निगम की दुकानों की स्थिति को लेकर सवाल।
पार्षदों के पत्रों और सवालों को मेरे स्तर से अधिकारियों को अग्रसारित किया जाता है। कई बार यह विषय सामने आया है। इसे लेकर अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। पार्षदों की शंकाओं और विचारों पर अधिकारियों को अमल करना चाहिए। इसे लेकर सख्त कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन

रामतीर्थ सिंघल, महापौर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें