यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले झांसी के गिरोह का सरगना मंडल के करारी रेलवे स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस (उप स्टेशन अधीक्षक) चंद्रशेखर झाँसिया निकला। गिरफ्तार होने के बाद उसने पहले अपने आप को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय का क्लर्क बताया था। लंबी पड़ताल के बाद पता चला कि आरोपी क्लर्क नहीं बल्कि करारी रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस है। पुलिस ने उसकी करतूत रेलवे अफसरों को भी बताई है। पुलिस को पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं।
फेसबुक पर शालू से दोस्ती के बाद बना सरगना
करारी रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस चंद्रशेखर झांसिया के सरगना बनने की कहानी भी बहुत फिल्मी है। दरअसल एक वर्ष पहले उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए शालू खातून से हुई। दोनों में बातचीत होती रही। पिछले दिनों फेसबुक चैटिंग के दौरान जब चंद्रशेखर ने शालू से पूछा कि ‘तुम क्या कर रही हो’ तो शालू ने जवाब दिया कि देवरिया में एग्जाम से पहले अपने चाचा के कॉलेज के लिए बोर्ड परीक्षा के पेपर सॉल्व कर रही हूं।
इस पर चंद्रशेखर हंस दिया और इसे मजाक समझा। इस पर शालू ने कहा यह मजाक नहीं चंद्रशेखर को पेपर ओर सॉल्व कॉपी भेज कर कहा कि अगले दिन का बोर्ड का पेपर देख लेना। जब चंद्रशेखर ने अगले दिन बोर्ड का पेपर देखा तो वह दंग रह गया। प्रश्न हूबहू वही थे इसके बाद चंद्रशेखर इस रैकेट का हिस्सा बन गया। पहले उसने झांसी में तीन परिचित छात्रों को पेपर लीक किया। इसके बाद उनके जरिए पैसे लेकर धड़ाधड़ पेपर और सॉल्व कॉपी लीक किए गए।