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पंचायत चुनाव के चलते पिछड़ी गेहूं खरीद

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पंचायत चुनाव के चलते पिछड़ी गेहूं खरीद
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झांसी। करीब एक पखवारे तक चले पंचायत चुनावों की सरगर्मी के चलते गेहूं खरीद काफी पिछड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के चुनाव में शिरकत करने से किसान क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंचे। पूरे मंडल में अब तक सबसे कम खरीद झांसी जनपद में हुई है।
मंडल में एक अप्रैल से गेहूं खरीद आरंभ हुई लेकिन उसके दो दिन बाद तीन अप्रैल से पंचायत चुनावों की सरगर्मी शुरू हो गई। पंद्रह अप्रैल को मतदान तक पूरा जनपद चुनावी बुखार में तपता रहा। इन चुनावों मेें प्रशासनिक अमले के साथ किसान और ग्रामीण बुरी तरह उलझे रहे। इसके चलते गेहूं की कटाई भी समय से पूरी नहीं हो सकी। कृषि अधिकारियों का कहना है फसल पकने के बावजूद करीब चालीस फीसदी अनाज अभी खेतों में ही पड़ा है। चुनावों के दौरान मजदूरों का भी भारी टोटा रहा। इस वजह से किसान समय पर फसल नहीं कट सके। इसके चलते गेहूं खरीद काफी पिछड़ गई। शनिवार तक मंडल में कुल 36668 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी। इसमें सबसे कम खरीद झांसी में 1722 किसानों से 7576 एमटी की रही जबकि बगल के जालौन, जहां चुनाव नहीं थे वहां 9375 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी। इसी तरह ललितपुर में 9146 एमटी की खरीद हुई है। कुल 4914 किसानों ने सरकारी केंद्रों में गेहूं बेचा। सबसे अधिक ललितपुर में 1806 किसान सरकारी क्रय केंद्रों तक पहुंचे जबकि झांसी के 1386 किसानों ने ही अब तक गेहूं बेचा है। वहीं, अब इन केंद्रों में ई-पॉप मशीनों से खरीद के लिए भी मशीनें आ गई हैं। बता दें, मंडल में दो सौ से अधिक क्रय केंद्र खोले गए हैं। आरएफसी नरेंद्र कुमार के मुताबिक चुनाव के चलते खरीद पर प्रभाव पड़ा है लेकिन, अब इसमें तेजी आने की उम्मीद है।
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तीन एफपीओ को भी मंजूरी
सरकार की मंजूरी के बाद यहां भी तीन एफपीओ (किसान उत्पादक समूह) को भी गेहूं खरीद के लिए मंजूरी दी गई है। इनमें से चिरगांव के रामनगर में दो- बुंदेली किसान एवं बांकेबिहारी को जबकि मऊरानीपुर में उल्दन किसान नामक एफपीओ को गेहूं खरीद के लिए मंजूरी दी गई है। मंडी सचिव पंकज शर्मा का कहना है कि तीनों ही केंद्र खोले जाने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सोमवार से यह केंद्र आरंभ हो जाएंगे। बता दें, पिछली बार भी एफपीओ को मंजूरी मिली थी लेकिन, कई जनपदों में अनियमितताएं मिलने की वजह से शुरूआत में इनको इजाजत नहीं दी गई लेकिन, बाद में सरकार ने अपना फैसला पलटते हुए इनको इजाजत दे दी।
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