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सरकारी एजेंसियों ने धान खरीद से किया इंकार, नहीं खुलेंगे केंद्र

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paddy purchese center
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झांसी। धान खरीद के लिए इस दफे सरकारी धान क्रय केंद्र नहीं खोले जाएंगे। पीसीएफ ने धान खरीद से इंकार करते हुए हाथ खड़े कर दिए। पीसीएफ ने केंद्रों में खरीद न होने का तर्क देते हुए इसे खोलने से इंकार किया है। सरकार की ओर से तय होने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य के उपज के मुकाबले काफी कम होने की वजह से किसान क्रय केंद्रों के बजाए मंडी में बेचने को तरजीह देते हैं। झांसी में पिछली दफे आठ केंद्र खोले गए थे लेकिन, वहां खरीद नहीं हो सकी थी।
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कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद झांसी में 8631 हेक्टेयर भूमि में धान रोपाई हुई है। करीब 24.29 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से करीब 20967 मीट्रिक टन उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही जबकि पिछले वर्ष 8485 हेक्टयेर में कुल 20076 मीट्रिक टन ही धान का उत्पादन हुआ था। यहां मोंठ, समथर इलाके में ही सिर्फ धान की बेहतरीन पैदावार होती है। इस बार बारिश समेत मौसम के अनुकूल रहने से पैदावार अच्छी हुई है लेकिन, इसके बावजूद सरकारी एंजेसियों ने धान खरीद से इंकार कर दिया। पिछली बार धान खरीद के लिए आठ केंद्र खोले गए थे। इनमें पीसीएफ ने तीन, पीसीयू ने तीन, एफसीआई ने एक एवं खाद्य विभाग ने एक केंद्र खोला था। पिछले वर्ष धान के लिए 1815 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया जो उपज के लिहाज से काफी कम था।
इस वजह से किसानों ने क्रय केंद्रों के बजाए मंडी में उपज बेचने को प्राथमिकता दी। जानकारों का कहना है समर्थन मूल्य अकसर ही बेहद कम घोषित होता है। इस वजह से किसान कई वर्षों से मंडी में ही उपज बेच रहे हैं। तमाम व्यापारी किसानों से खरीदकर दूसरे जनपदों तक भी भेजते हैं। वहीं, सरकारी क्रय केंद्रों में एक भी दाने की खरीद नहीं हो पाती। इसे देखते हुए इस बार पीसीएफ समेत अन्य दूसरी संस्थाओं ने भी हाथ खड़े कर दिए हालांकि खाद्य विभाग की ओर से चिरगांव में एक केंद्र खोला गया है। धान उत्पादन वाले इलाकों से काफी दूर होने से यहां खरीद हो पाना मुश्किल है। अभी तक यहां कोई खरीद नहीं हुई। आरएफसी नरेंद्र कुमार का भी कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों में खरीद नहीं हो पाती। इस वजह से एजेंसियां ने क्रय केंद्र चलाने से मना कर दिया।
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