झांसी। रेलवे स्टेशन पर सात दशक पूर्व बना सबसे पहला फुट ओवरब्रिज आने वाले दिनों में नजर नहीं आएगा। यह पुल अपनी उम्र पूरी कर चुका है। भविष्य में यह पुल हादसे का कारण न बने इसलिए रेलवे ने इसे तोड़ने का फैसला लिया है। साथ ही इसकी जगह दिल्ली एंड पर एक नया ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसमें एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप की सुविधा रहेगी।
इस समय रेलवे स्टेशन पर तीन फुट ओवरब्रिज बने हुए हैं। इनमें मुख्य द्वार के सामने एक पुराना फुट ओवरब्रिज व एक नया एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप से सुसज्जित पुल बना हुआ है। एक पुल आगे की तरफ बना हुआ है, जिसका रास्ता जीआरपी थाने के बगल से जाता है। पुराना फुट ओवरब्रिज अपनी उम्र पूरी कर चुुका है। रेल प्रशासन इस पुल को तोड़ने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, रेल प्रशासन इसके बाद दिल्ली एंड की तरफ नया फुट ओवरब्रिज बनाने जा रहा है, जिसमें एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप बनेगा।
दिल्ली एंड पर नया फुट ओवरब्रिज बनना है। इस पुल के बनने पर मुख्य द्वार के पास बने पुराने पुल को हटा दिया जाएगा। इस पर जल्द काम शुरू होने वाला है।
संदीप माथुर, डीआरएम।
दिक्कतें बढ़ना तय
पुराने पुल को तोड़ने के बाद यात्रियों की दिक्कतें बढ़ना तय है। दरअसल, पुराने फुट ओवरब्रिज में ही हर प्लेटफार्म पर उतरने के लिए रैंप बना हुआ है। इससे व्हील चेयर, स्ट्रेचर से बीमार यात्रियों को दूसरे प्लेटफार्मों पर ले जाने में परेशानी नहीं होती है। रैंप से वृद्ध व विकलांग यात्रियों को भी जाने में सहूलियत होती है। दूसरी तरफ नये ब्रिज की ऊंचाई यात्रियों के लिए परेशानी बनी हुई है। एस्केलेटर न चल रहा हो तो इस ब्रिज की साढ़े आठ मीटर ऊंचाई सबके पसीने छुड़ा देती है। पुल पर चढ़ने के लिए 56 सीढ़ियां बनाई गई हैं। किसी के लिए भी एक साथ सामान लेकर इतनी सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल रहता है।