संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बिजली विभाग की ओर से महिला पर बिजली चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश और आवश्यक वस्तु अधिनियम न्यायाधीश नेत्र पाल सिंह की अदालत ने महिला उपभोक्ता को आरोप से मुक्त कर दिया। वहीं, न्यायाधीश ने अधिकारियों पर द्वेषवश मुकदमा लिखाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने विद्युत विभाग के अवर अभियंता महेंद्र सिंह समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। एफआईआर प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश भी दिए हैं।
अवर अभियंता प्रवर्तन पवन कुमार आर्या ने रक्सा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि वह 10 मार्च 2018 को कनेक्शन की जांच करने निकले थे। उनके साथ अवर अभियंता योगेश प्रताप, सचिन कुमार, उमेश कुमार यादव थे। आरती तिवारी पत्नी विष्णुकांत तिवारी निवासी आनंद विहार कालोनी डेली थाना रक्सा बिना किसी वैध कनेक्शन के एलटी लाइन से सीधा कटिया डालकर चोरी जला रहे थे। इस मामले में महिला ने न्यायालय से गुहार लगाई कि एफआईआर झूठे और बिना किसी आधार के दर्ज कराई गई है। आरती को विद्युत विभाग ने मकान निर्माण करने के दौरान अस्थाई विद्युत संयोजन 12 अप्रैल 2017 को दिया था। भवन निर्माण के बाद विद्युत विभाग ने स्थाई संयोजन देने का आदेश अवर अभियंता रक्सा को दिया था। अवर अभियंता रक्सा पुराना मीटर बदलने गए थे। उन्होंने मीटर को कनेक्शन से अलग किया था। अदालत ने इस मामले में महिला पर दर्ज एफआईआर को झूठा पाते हुए उसे मुक्त कर दिया।