ओरछा। अयोध्या मसले के फैसले के मद्देनजर इन दिनों ओरछा के विश्व प्रसिद्ध रामराजा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। श्रद्धालुओं को कड़ी जांच पड़ताल से गुजरने के बाद ही भगवान के दर्शन मिल पा रहे हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर जहां मेटल डिटेक्टर लगाया गया है, वहीं लोगों के बैग व मोबाइल भी अंदर ले जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वैसे तो एक आठ के अनुपात में पुलिस की एक टुकड़ी मंदिर के अंदर व एक टुकड़ी पीछे वाले हिस्से में हमेशा तैनात रहती है, पर बढ़ाई गई सुरक्षा के मद्देनजर दो टुकड़ी पुलिस अतिरिक्त तैनात की गई है, इसके अलावा बाहर से भी अभी और पुलिस बल बुलाया जा रहा है। मालूम हो कि ओरछा के श्रीरामराजा का संबंध सीधे तौर पर अयोध्या के रामलला से जोड़ा जाता है। यहां प्रचलित धार्मिक कथा के अनुसार ओरछा की महारानी कुंअरि गणेश अयोध्या से ही श्रीरामराजा के विग्रह को ओरछा लाई थीं तथा यहां पर राजा के रूप में विराजमान कराया था। इसके बाद से ही विश्व का यह एक मात्र अनूठा ऐसा मंदिर है, जहां चार समय की आरती में श्रीरामराजा को पुलिस द्वारा राजा के रूप में सशस्त्र सलामी दी जाती है। ओरछा का यही धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व उसे देश में अलग पहचान देता है।
एसपी निवाड़ी मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि एक दो दिन में ओरछा नगर में धारा 144 भी लगा दी जाएगी। पूरे जिले में सभी धर्मों के धर्मगुरुओं व गणमान्य लोगों से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बैठक कर आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहे हैं । रामराजा मंदिर के पीछे व आसपास पुलिस की चौकसी और तेज कर दी गई है । रामजन्म भूमि अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवंबर माह में फैसला आना हैं, इसको लेकर देशभर में अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद से ही पुलिस प्रशासन शांति व्यवस्था बनाने की कवायद में जुटा है। ओरछा के थाना परिसर में शांति समिति की बैठक भी आहूत की गई । इसमें नगर के लोग शामिल हुए इसमें टीआई नरेंद्र त्रिपाठी ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। ।