अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आवास विकास परिषद की ओर से योजना संख्या-चार के तहत विकसित की जा रही नई कॉलोनी के लिए दो आराजी संख्या में भूखंड खरीदने वाले कई लोग अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर समस्या बताई।
ज्ञापन में कहा कि आराजी संख्या 218 और 219 में आवासीय प्लॉटिंग 2011-12 में जमीन मालिक और बिल्डरों के सामंजस्य से की गई थी। इसमें लगभग ढाई सौ प्लॉट का विक्रय किया गया था। झांसी और आसपास के लोगों ने अपना आशियाना बनाने के लिए ये भूखंड लिए थे। जबकि, भूखंड मालिकों के पास पंजीकृत बैनामा भी है। कई लोगों ने अपने मकान भी बना लिए हैं, जो कि आवासीय भूमि में दर्ज है।
अधिशासी अभियंता से इन दोनों आराजी संख्या 218, 219 को योजना में शामिल न करने के लिए आवेदन दिया। कहा कि इस योजना में वह अपना प्लाट नहीं देना चाहते हैं। अगर जबरदस्ती हम सभी के प्लाटों को अधिगृहीत किया जाता है तो वह परिवार के साथ अनशन पर बैठने को मजबूर हो जाएंगे। इस दौरान डॉ. राजीव बबेले, देवेंद्र गुप्ता, पंकज गुप्ता, अनिल राजौरिया, सतीश भसीन, मिथलेश भार्गव, दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।