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फीस माफी नहीं कोरोना के दौर में सिर्फ किस्त की छूट मांग रहे

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झांसी। बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईईटी) के छात्र-छात्राओं ने कोरोना के दौर में फीस में कुछ छूट की मांग की है। छात्रों ने अपील की है कि संस्थान उन्हें किस्तों में फीस जमा करने और हॉस्टल फीस में छूट दी जाए।
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कोरोना वायरस के चलते छात्र-छात्राएं मार्च से ही अपने-अपने घरों में हैं। उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। उनका कहना है कि पहले लॉकडाउन और अब काम-धंधों में सुस्ती होने के कारण हर कोई परेशान है। ऐसे में उनके सामने फीस जमा करने का संकट खड़ा है। निदेशक से लेकर शासन के अधिकारियों को भेजे पत्र में छात्रों ने कहा कि वह किस्तों में फीस जमा करने की मांग करते हैं। मगर बीआईईटी प्रशासन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दे रहा है। छात्रों को ट्रेड के हिसाब से 70 से 90 हजार तक फीस जमा करनी है।
रह नहीं रहे तो क्यों ले रहे हॉस्टल फीस के 9600 रुपये
छात्रों ने बताया कि हर साल हॉस्टल फीस के नाम पर उनसे 9600 रुपये लिए जाते हैं। इसमें 4800 रुपये रूम का किराया, 2600 रुपये बिजली व पानी समेत पंखा, क्रॉकरी, हॉस्टल एक्टिविटी, मेंटिनेंस और बस का चार्ज शामिल हैं। जब वह हॉस्टल में हैं हीं नहीं, तो इन चार्ज को माफ किया जाए।
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फीस जमा करने की अंतिम तारीख बढ़े: एनएसयूआई
बीआईईटी के निदेशक से मुलाकात कर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक प्रताप ने कहा कि बीआईईटी के लगभग 400 छात्रों ने हस्ताक्षर कर फीस में रियायत की मांग की है। ऐसे में उन्हें दो-तीन किस्तों में फीस जमा करने, फीस जमा करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त करने की मांग की। यहां पर राजू वर्मा, आकाश पाराशर, विकास शर्मा व सुमित दांगी मौजूद रहे।
किस्तों में फीस की छूट देने के लिए शासन की अनुमति जरूरी है। ऐसे में शासन से इस संबंध में बात की जा रही है। वहीं, हॉस्टल फीस बेहद मामूली ली जाती है। छात्रों की फीस के आधार पर ही इंस्टीट्यूट की सारी व्यवस्थाएं चलती हैं। सितंबर से संस्थान खुल भी सकता है। ऐसे में छात्रों को हॉस्टल में रहना पड़ेगा। - डॉ. वीके त्यागी, निदेशक, बीआईईटी।
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