अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने मंगलवार को जब खुद मरीज बनकर ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श लेने के लिए फोन लगाया तो व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई। कुछ डॉक्टरों ने फोन ही नहीं उठाया तो कुछ ने अपना वीडियो बंद कर रखा था। आयुक्त ने एडी हेल्थ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मरीजों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से ऑनलाइन जोड़कर वरिष्ठ चिकित्सकों से परामर्श दिलाने के लिए ऑनलाइन ओपीडी चलाई जा रही है। कुछ समय पहले ही मंडलीय समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों की हकीकत जानने के लिए आयुक्त ने मंगलवार को सीएचओ को अपने कक्ष में बुलाकर मरीज के रूप में पंजीकृत कराते हुए जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों के मेडिकल ऑफिसर से ऑनलाइन कंसल्टेशन के लिए कॉल बुकिंग की।
मेडिकल कॉलेज के ऑनलाइन ओपीडी हब में कॉल करने पर किसी डॉक्टर ने फोन नहीं उठाया। फिर उन्होंने जिला अस्पताल में फोन लगाया। डॉ. प्रताप सिंह और डॉ. अनूप द्विवेदी ने फोन उठाया। उनके अलावा कोई चिकित्सक ऑनलाइन नहीं मिला। फिर आयुक्त ने नाम बदलकर नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों से परामर्श चाहा तो डॉ. मूलचंद्र वर्मा ने वीडियो कॉल नहीं उठाई। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर और सीएचओ ऑनलाइन ओपीडी सेवाओं में रुचि नहीं लेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ई-संजीवनी ओपीडी सेवा की नियमित निगरानी के लिए रियल टाइम कॉल ट्रैकिंग सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए। इस दौरान एडी हेल्थ डॉ. सुमन, मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे, क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेंद्र सिंह, दिगारा सीएचओ देवेंद्र कुमार मौजूद रहे।