संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग भारी पड़ेगा। परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों की जांच के लिए 15 दिन का अभियान छेड़ा है। वाहनों को पकड़कर न केवल जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि गाड़ी तब तक नहीं छोड़ी जाएगी, जब तक उसका पंजीयन कॉमर्शियल में कन्वर्ट न करा दिया जाए। एक जून से शुरू हुए अभियान में अब तक नौ वाहनों को सीज किया गया, जबकि 15 का चालान काटा गया। इनमें तीन वाहनों का पंजीयन निजी से व्यावसायिक में परिवर्तित कराया गया।
नियमत: निजी वाहनों का उपयोग व्यावसायिक रूप से नहीं किया जा सकता। लेकिन, बड़ी संख्या में निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग कर सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग ने एक से 15 जून तक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके दायरे में स्कूल, ओला, उबर, जोमैटो आदि में उपयोग होने वाले निजी वाहन आएंगे। तीन दिनों में कुल 24 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
व्यावसायिक वाहन के रूप में उपयोग किए जाने वाले निजी वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। पकड़े जाने पर वाहन सीज किए जा रहे हैं, साथ ही वाहन व्यावसायिक रूप में परिवर्तित होने के बाद छोड़े जा रहे हैं।
- हेमचंद्र गौतम, एआरटीओ प्रवर्तन।