ललितपुर। थाना बार के अंतर्गत एक गांव में माता-पिता के साथ खेत पर गई एक वर्षीय बच्ची को खिलाने के बहाने ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का अपराध सिद्ध होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो द्वितीय) निर्भय प्रकाश की अदालत ने अपराधी को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना बार के अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने चार वर्ष पूर्व थाना बार पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 13 मार्च 2017 को वह, उसकी पत्नी, उसकी मां और पिता एक खेत में काम कर रहे थे। मां उसकी एक वर्ष की बच्ची को लिए थी। तभी ग्राम गढ़िया निवासी इमरतलाल (25) आया और बच्ची को खेल खिलाने के लिए ले लिया, वह बच्ची को गेहूं के खेतों में ले गया और बच्ची के साथ गलत काम करने लगा। बच्ची चिल्लाकर रोयी तो वह सभी लोग मौके पर पहुंचे, तो देखा कि इमरत बच्ची के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर रहा था। उनके पहुंचने पर वह भागने लगा, भागते समय गिर जाने से उसे चोट भी लग गई।
उन्होंने बताया कि वह आरोपी इमरत को पकड़कर थाने ले गया और थाना बार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायाधीश ने इमरतलाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर आधी राशि पीड़िता को बालिग होने पर उसे दिए जाने के आदेश दिए। उक्त मामले में पैरवी ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रामनरेश राजपूत ने की।
थाने से एफएसएल रिपोर्ट गायब होने पर उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र
बच्ची से दुष्कर्म के मामले में संबंधित थाने से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट गायब हो गई थी, जो विधि विज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजी गई। इस मामले में न्यायाधीश द्वारा पुलिस के आलाधिकारियों को पत्र लिखकर संबंधित पुलिस अधिकारी व कर्मचारी की पहचान कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई किए जाने को पत्र लिखा जाएगा। कोर्ट द्वारा इसके लिए आदेशित किया गया।