झांसी। मरीजों के हित में अमर उजाला की तरफ से चलाए जा रहे अभियान का बड़ा असर हुआ है। एक निजी अस्पताल कोविड मरीजों को भर्ती करने के लिए राजी हो गया है। 20 आईसीयू बेड वाले नर्सिंगहोम में जल्द ही मरीजों का उपचार शुरू हो जाएगा। अस्पताल के अधिकारियों ने इसके लिए हामी भर दी है।
नर्सिंगहोमों के संचालकों के साथ मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभाग में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के अधिकारियों, आईएमए, नर्सिंगहोम एसोसिएशन की फिर से बैठक हुई। बैठक में नर्सिंगहोम संचालकों से कोविड मरीजों का उपचार शुरू करने पर चर्चा हुई। इस दौरान नर्सिंगहोम संचालकों ने भी अपनी मांग रखीं। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने नर्सिंगहोम संचालकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। इसके बाद हाईटेक अस्पताल के संचालक ने कोविड मरीजों का
इलाज करने पर सहमति जता दी। अस्पताल में जल्द ही 20 बेड का आईसीयू तैयार किया जाएगा। यहां पर ऑक्सीजन की आपूर्ति भी सुचारु होगी। पहला नर्सिंगहोम के आगे आने के बाद अब उम्मीद बंध गई है कि जल्द ही कई और अस्पताल मरीजों का इलाज करने के लिए आगे आएंगे। इसके बाद कोविड मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ, नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम समेत विभिन्न महानगरों की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। बैठक के दौरान महापौर रामतीर्थ सिंघल, विधायक रवि शर्मा, विधायक राजीव सिंह पारीछा, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, डीएम आंद्रा वामसी, उप प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, नर्सिंगहोम एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. एके सांवल, आईएमए अध्यक्ष डॉ. बीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
अमर उजाला लगातार चला रहा अभियान
प्रशासन की तरफ से नर्सिंगहोमों द्वारा कोविड मरीजों का इलाज शुरू करने को लेकर आईएमए, नर्सिंगहोम एसोसिएशन के साथ कई बार बैठकें कीं। बैठकों में बड़ी-बड़ी बातें तो हुईं लेकिन असर कुछ नहीं निकला। इसके बाद अमर उजाला ने इस मुद्दे पर अभियान चलाया। जनप्रतिनिधि भी इसके लिए आगे आए। अभियान का बड़ा असर हुआ है कि एक नर्सिंगहोम आगे आया है।
बड़े अस्पताल अब भी दुबके
मरीजों का इलाज करके ही बढ़े हुए कई बड़े अस्पताल अभी भी दुबके हुए हैं। हाईटेक अस्पताल ने आगे आकर बड़े नर्सिंगहोमों को आइना दिखाने का काम किया है। महामारी के इस दौर में कई नर्सिंगहोमों के बाहर लगे सुपर स्पेशियलिटी से लेकर रिसर्च सेंटर तक के बोर्ड इस बात की गवाही दे रहे हैं कि आधुनिक संसाधनों से युक्त कई निजी अस्पतालों ने मरीजों को कमाई का जरिया बना रखा है, सेवा का नहीं। वरना जिले में कोविड महामारी के दस्तक देने के पांच महीने बाद भी नर्सिंगहोमों के साथ इलाज शुरू करने को लेकर बैठकों का दौर नहीं चल रहा होता।
आज एक नर्सिंगहोम कोविड मरीजों के उपचार के लिए आगे आ गया है। यहां 20 बेड के आईसीयू में कोविड मरीजों का उपचार शुरू होगा। आईएमए, नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अधिकारियों से भी बात हुई है। कुछ और अस्पताल भी जल्द ही कोविड मरीजों का इलाज शुरू करेंगे। - राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक।
हाईटेक अस्पताल में रक्तदान शिविर के आयोजन के दौरान ही संचालक से गुजारिश की थी कि वह कोविड मरीजों के उपचार के लिए आगे आएं। अस्पताल का आगे आना अच्छा कदम है। उम्मीद है कि जल्द ही कई अन्य नर्सिंगहोम भी इस दिशा में अपने कदम बढ़ाएंगे। - प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री।