झांसी। ठंड लगातार बढ़ रही है। सिर से पांव तक गर्म कपड़ों में पैक होने के बाद भी राहत नहीं मिल रही। लेकिन वहीं परिषदीय स्कूलों के बच्चे कंपकंपाते हुए स्कूल जा रहे हैं। इन बच्चों के अभिभावकों को शासन की तरफ से स्वेटर और यूनिफार्म खरीदने के लिए पैसा मिलना था लेकिन अभी तक 1 लाख 45 हजार बच्चों में से केवल 58 हजार बच्चों के लिए यूनिफार्म खरीदने को पैसा आया है। बाकी के लिए बजट कब जारी होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत चलाई जा रही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना के अंतर्गत बच्चों के अभिभावकों के खातों में 1100 रुपये की धनराशि भेजी जानी थी। शैक्षणिक सत्र अप्रैल से प्रारंभ हो जाता है और दिसंबर माह तक भी कुछ ही बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सका है। प्राथमिक और पूर्व प्राथमिक विद्यालयों में अभी भी बच्चे इस भीषण ठंड में बिना स्वेटर के पढ़ने आ रहे हैं। कुछ के पास तो यूनिफार्म तक नहीं, कई बिना जूते- मोजे के ही पढ़ने के लिए स्कूलों में रोज हाजिर होेते हैं। रिकार्ड के अनुसार प्रथम चरण में 58 हजार बच्चों के खातों में पैसा पहुंचाया जा चुका है लेकिन उनसे से भी कई बच्चों के खातों में अभी पैसा पहुंचा नहीं है। कई अभिभावकों ने शिक्षकों से शिकायत की है कि पैसा पहुंच गया यह साइट पर दिखा रहा है लेकिन खाते में पैसा नहीं आया है। कई बच्चों के फार्म अभी भी पेंडिंग ही दर्शा रहे हैं।
पहले चरण में 58 हजार बच्चों के अभिभावकों के खातों मे पैसा पहुंच गया है। दूसरे चरण का काम भी लगभग पूरा किया जा चुका है। जल्द ही बाकी बच्चों के अभिभावकों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा। - वेदराम, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
महज 1100 रुपये की धनराशि में अभिभावक को बच्चे के लिए बैग, जूता-मोजा, 2 जोड़ी यूनिफार्म और स्वेटर लेना है। महंगाई के इस दौर में 1100 में ये सब खरीद पाना तो संभव नहीं।
सामान - खर्च
बैग -200-300 रुपये
स्वेटर -400 रुपये
जूता-मोजा -300-400 रुपये
2 यूनीफार्म सिला हुआ - कम से कम 800 रुपये