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स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तरस रही एक लाख की आबादी

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झांसी। महानगर के प्रेमनगर क्षेत्र में नगर निगम के आठ वार्ड हैं, जिनमें पैंसठ हजार से अधिक मतदाता हैं, जबकि क्षेत्र की आबादी एक लाख से अधिक है। बावजूद, यहां सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर एक नगरीय स्वास्थ्य केंद्र ही है, जो दोपहर बाद बंद हो जाता है। इसमें भी एक्स-रे, खून की जांच जैसी प्राथमिक सेवाएं भी नहीं हैं। रात में आकस्मिक स्थिति में लोगों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ता है। यहां संसाधनयुक्त चौबीस घंटे खुलने वाले अस्पताल की मांग लंबे समय से चली आ रही है। अब इस मांग ने जोर पकड़ लिया है। इसके लिए क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को बुंदेलखंड जन शिक्षा सामाजिक उत्थान समिति ने संस्था अध्यक्ष तरुण अरोरा की अगुवाई में हाट के मैदान में हस्ताक्षर शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने हस्ताक्षर कर अस्पताल की मांग का समर्थन किया।
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इस मौके पर रविंद्र झा, कोमल शाक्या, मृदुल, मोहम्मद जैद, निखिल, आदित्य, अभय रावत, साहिल शाक्या, उत्कर्ष आदि मौजूद रहे।
एक लाख से अधिक आबादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। चौबीस घंटे खुलने वाले अस्पताल की मांग बहुत पुरानी है। बावजूद, अब तक ध्यान नहीं दिया गया है।
- आकाश राजपाल, नैनागढ़
गंभीर बीमारियों का इलाज तो दूर की बात है, रात में आकस्मिक स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा भी नहीं मिल पाती है। इस इलाके में नया अस्पताल बनाया जाना चाहिए।
- सुशील यादव, आजादपुरा
चुनाव के दरम्यान प्रेमनगर का अस्पताल मुद्दा रहता है। लेकिन, बाद में ये गर्त में चला जाता है। जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए।
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- मृदुल शुक्ला, खातीबाबा
स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने की बात प्रेमनगर में खोखली साबित हो रही है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो और चौबीस घंटे इलाज मिले।
- महेंद्र साहू, खैरा
प्रेमनगर का स्वास्थ्य केंद्र एक तरह से रेफर सेंटर भर बना हुआ है। बीमारी बड़ी होने पर मरीजों को यहां से जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया जाता है।
- सीमा शर्मा, महाराजपुरा
एक ओर तो गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की बात कही जा रही है। वहीं, महानगर का एक बड़ा इलाका इससे वंचित बना हुआ है। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
- शाहिद खान, सिल्वर्टगंज
महानगर का हिस्सा होने के बाद भी प्रेमनगर बुनियादी सुविधाओं से वंचित बना हुआ है। क्षेत्र के विकास के वादे और दावे बड़े-बड़े हुए, परंतु धरातल पर ये नजर नहीं आए।
- कविता पंत, पुलिस चौकी के पास
अस्पताल की मांग बहुत पुरानी है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है। जबकि, क्षेत्र की आबादी काफी बढ़ गई है। ऐसे में यहां एक बड़ा अस्पताल खोला जाना चाहिए।
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- भगवती, नैनागढ़
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