अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। फार्मर रजिस्ट्री कराने में किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं। स्थिति यह है कि जनपद के 25 फीसदी किसानों ने भी अपना ब्योरा दर्ज नहीं कराया है। यह स्थिति तब है जब फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों की सम्मान निधि रोकी जा सकती है।
फार्मर रजिस्ट्री के जरिये किसानों की जमीन का ब्योरा एक ही जगह पर दर्ज किया जा रहा है। प्रदेश में किसी भी स्थान पर उनकी खेती की जमीन हो, इसकी जानकारी फार्मर रजिस्ट्री में उपलब्ध रहेगी। आने वाले दिनों में किसानों के लिए संचालित की जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं का लाभ फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से ही दिया जाएगा। यहां तक कि खाद, उर्वरक आदि भी उन्हें इसी के जरिये मिलेगी।
फार्मर रजिस्ट्री करने के लिए कृषि विभाग की ओर से शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं लेकिन जिले के 1.93 लाख किसानों में से 25 फीसदी ने भी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। इसके लिए दो माह से अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी जुनेद अहमद ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले कृषक किसान सम्मान निधि से वंचित रह सकते हैं। वे अन्य योजनाओं के लाभ से भी वंचित रह सकते हैं।