महानगर में रामलीला मंचन की परंपरा बेहद पुरानी है। कई कलाकार ऐसे हैं, जिनके परिवार पिछले दो-तीन पीढ़ियों से कई पात्रों की भूमिका निभाते आ रहे हैं। लेकिन खास बात यह है कि सदर बाजार में एक परिवार ऐसा भी है, जो पिछली पांच पीढ़ियों से राजा दशरथ की भूमिका निभाता आ रहा है। वर्तमान में इस परिवार के सदस्य शांतनू पांडेय हैं, जो पिछले कई सालों से न सिर्फ निर्देशन का जिम्मा संभाले हैं। साथ ही राजा दशरथ की भी भूमिका भी निभा रहे हैं।
बुंदेलखंड में सदर बाजार की रामलीला मंचन का बड़ा महत्व है। यहां की रामलीला में आज भी कई परिवार ऐसे हैं, जो मंचन एवं प्रबंधन में अपनी-अपनी भूमिकाएं कई पीढ़ियों से कुशलता के साथ निभा रहे हैं। मंचन में राजा दशरथ की भूमिका लगभग हर साल निभाने वाले शांतनू पांडेय का कहना है कि उनके पूर्वजों में सर्वप्रथम राजा दशरथ की भूमिका चतुर्भुज पांडेय ने निभाई थी।
इसके बाद बद्री नारायण पांडेय, अविनाश पांडेय, अशोक पांडेय और अब वह निभा रहे हैं। इनका कहना है कि यह संयोग और भगवान श्रीराम की कृपा है। राजा दशरथ की भूमिका में उन्हें ईश्वर को अपने पुत्र के रूप में मानने का भाव मन में पवित्रता का विशेष भाव संचारित करता है। उनके अनुसार मंचन में उनके पुत्र कृष्णा भी लक्ष्मण की भूमिका निभाते हैं।
सदर बाजार की रामलीला में ही मुखरैया परिवार भी पिछले तीन पीढ़ियों से राम, लक्ष्मण सहित अन्य महत्वपूर्ण चरित्रों की भूमिकाएं निभा रहे हैं। राम, जनक, बाली, भरत की भूमिका निभा चुके श्याम बिहारी मुखरैया ने कहा कि मंचन होगा, तो वह अभिनय के लिए तैयार हैं। वर्तमान में उनके परिवार के बच्चे अर्पित, आयुष, पुनीत रामलीला में काम करते हैं।
उनका पूरा परिवार आज भी राम चरित मानस का पाठ करने के बाद अन्य काम करता है। इधर श्रीरामलीला कमेटी सदर बाजार के कार्यवाहक अध्यक्ष विकास खत्री के अनुसार सदर बाजार की रामलीला में कई ऐसे परिवार हैं, जो मंचन एवं प्रबंधन में अपनी भूमिका कई पीढ़ियों से निभा रहे हैं। यह हमेशा गर्व की बात रही हैं।