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Jhansi News: होटल कारोबारी से मांगी एक करोड़ की रंगदारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। झांसी होटल मालिक सुरेंद्र विक्रम सिंह ने एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में पांच के खिलाफ नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। होटल कारोबारी ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने सरकारी सड़क के फर्जी कागज तैयार करके उसकी रजिस्ट्री करा ली। अब उसके सहारे धमकाते हुए रंगदारी मांग रहा है। होटल कारोबारी की तहरीर के आधार पर नवाबाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करके मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

होटल कारोबारी सुरेंद्र विक्रम के मुताबिक, यात्रिक होटल के पास अपने भाई के साथ मिलकर उन्होंने प्लॉट खरीदा था। इस पर वह निर्माण करा रहे थे। जेडीए से भी नक्शा पास करा लिया। निर्माण शुरू होने के कुछ दिन बाद कैलाश रेजीडेंसी निवासी अतुल दुबे उनके पास आया और उसके सामने वाले प्लाट को अपना बताने लगा। अतुल ने वसीयतनामा दिखाते हुए उनको बताया कि आराजी नंबर 253 मौजा सिविल लाइन की यह 2160 वर्गफुट जमीन उसकी है। अतुल ने गृहकर की रसीद भी दिखा दी। इसके बाद, सुरेंद्र विक्रम से वहां निर्माण कराने के एवज एक करोड़ रुपये की मांग करने लगा। उसके साथ रश्मि, शुभ, सुदीप, नीता भी थे। रुपये न मिलने पर आरोपियों ने निर्माण न होने की धमकी दी।
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सुरेंद्र विक्रम ने जब नगर निगम में पड़ताल कराई तब उक्त आराजी सौ साल से सरकारी भूमि के तौर पर दर्ज निकली। इस जमीन पर सरकारी सड़क की बात मालूम चली। फर्जीवाड़ा सामने आने पर सुरेंद्र विक्रम ने नवाबाद थाने में जाकर तहरीर दी। थाना प्रभारी संतोष अवस्थी के मुताबिक, कैलाश रेजीडेंसी निवासी अतुल दुबे, रश्मि दुबे, शुभ दुबे, सुदीप दुबे, नीता दुबे समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ रंगदारी, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की छानबीन की जा रही है।
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इनसेट
सरकारी सड़क की जमीन करा ली रजिस्ट्री
होटल कारोबारी सुरेंद्र विक्रम ने नगर निगम में छानबीन कराई। शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त ने जांच के लिए कमेटी बना दी। पुराने दस्तावेज खंगालने पर कमेटी को मालूम चला कि आराजी नंबर 253 एवं 282 नगर निगम में पक्की सड़क के तौर पर दर्ज है। उसके बावजूद अतुल दुबे ने सरकारी सड़क को प्लाट की तरह रजिस्ट्री करा ली। इसके बाद, फर्जीवाड़ा करके गृहकर निर्धारित करा लिया। हालांकि छानबीन में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद अतुल दुबे की ओर तय कराए गृहकर को भी नगर निगम प्रशासन ने निरस्त कर दिया।
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