संवाद न्यूज एजेंसी
जखौरा (ललितपुर)। भीषण गर्मी और देखरेख के अभाव में बिरौरा पौधशाला में तैयार किए गए करीब चार लाख पौधों में डेढ़ लाख सूख गए। विभागीय अफसरों में खलबली मची है। आनन फानन खराब पौधों की शिफ्टिंग कर अन्य नर्सरियों से पौधे मंगवाकर लगवाने की कवायद की जा रही है।
पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए सरकार प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर पौधरोपण करा रही है, लेकिन अफसरों की लापरवाही का नतीजा है कि कहीं लगने के बाद तो कहीं नर्सरी में ही पौधे सूख रहे हैं। जखौरा वन रेंज अंतर्गत बिरौरा पौधशाला में वर्ष 2023-24 में प्रस्तावित लक्ष्य 4.50 लाख नए पौधे तैयार करने थे। करीब चार लाख पौधे तैयार हो गए थे जो जुलाई में होने वाले पौधरोपण अभियान के तहत रोपे जाने थे। लेकिन, पौधशाला में पानी की कमी से करीब डेड़ लाख पौधे सूख गए। अब बचे पौधों के लिए पानी का इंतजाम किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार नष्ट हुए करीब डेढ़ लाख पौधों की भरपाई के लिए आसपास की अन्य नर्सरियों से पौधा मंगवा कर शिफ्टिंग का प्रयास चल रहा है।
-पौधशाला में यह है इंतजाम
पौधशाला में पानी के लिए दो बोर कराए गए हैं और कुआं भी है। इसके आसपास भी कई कुओं में पर्याप्त पानी है। इसके बाद भी पानी की कमी बताकर पौधों के सूखने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पौधशाला के आसपास खेतों में फसल को समय पर पानी मिल रहा है। यदि पौधशाला के कर्मचारी पौधों को समय पर पानी देते तो इतनी बड़ी संख्या में पौधे खराब नहीं होते।
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वन विभाग ने बोर्ड में नहीं लिखवाई जानकारी: ग्राम पंचायत बिरौरी में वन विभाग ने सूचना पट्ट तो लगवा दिए, लेकिन उस पर सूचना अंकित नहीं की गई। हैरत की बात तो यह है कि विभागीय अधिकारियों ने इस पर कोई नजर नहीं डाली।
भीषण गर्मी में बिरौरा पौधशाला में पानी की कमी के कारण पौधे सूख गए हैं। अब पौधशाला में पानी की समुचित व्यवस्था की जा रही है। -मनोज कुमार, वन क्षेत्राधिकारी, जखौरा