संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। निराश्रित गोवंश को संरक्षण देने के लिए प्रदेश सरकार ने झांसी मंडल के तीनों जिलों में गोशालाओं का निर्माण करा रही है। सभी गोशालाओं का निर्माण इस वर्ष के आखिरी तक पूरा हो जाने का अनुमान है। इन पर एक करोड़ 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इनमें गोवंशों के लिए भूसा स्टॉक, छाया के लिए शेड, पीने के पानी के लिए बोरिंग सहित अन्य सुविधाओं से लैस की जाएंगी।झांसी जिले में चार वृहद गोशालाओं का निर्माण पठगुआं, मवहेटा, गुरहा और उल्दन में किया जा रहा है। वहीं, जालौन जिले में भी चार बड़ी गोशालाएं नदीगांव, बंधा डकोर, गधेला और गोपालपुरा में बन रही हैं। इसी प्रकार, ललितपुर जिले में पांच वृहद गोशालाएं टोरिया, ठनगना, बीजरूठा, बानपुर और काला पहाड़ में बन रही हैं। ललितपुर जिले में निर्माणाधीन पांच में से दो गोशालाएं इसी महीने शुरू हो जाएंगी। निर्माणाधीन सभी वृहद गोशालाओं में प्रत्येक गोशाला में 400 निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने की क्षमता होगी।झांसी मंडल में फिलहाल छोटी-बड़ी 777 गो आश्रय स्थल हैं। झांसी में 310, जालौन में 415 एवं ललितपुर में 52 गो आश्रय स्थल हैं। इनमें कुल 1,50,597 गोवंश रखे गए हैं। झांसी में 58442, जालौन में 45307 और ललितपुर में 46868 गोवंश संरक्षित हैं। झांसी मंडल के पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ अरविंद कुमार सागर ने बताया कि मंडल के तीनों जनपदों झांसी, ललितपुर और जालौन में वर्तमान समय में 13 गोशालाओं का निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से दो का काम इसी महीने पूरा हो जाएगा।