झांसी। मंगलवार को पूर्णिमा की तिथि लगने के साथ ही पितृपक्ष शुरू हो गए हैं। लोगों ने अपने पूर्वजों को जल तर्पण किया। वहीं, महानगर में कई स्थानों पर बुधवार से पितृपक्ष प्रारंभ माने जाएंगे।
सनातन धर्म में पूर्वजों के आशीष प्राप्ति के लिए पितृ पक्ष में जल तर्पण और श्राद्ध करने की विशेष महत्ता है। लोग हाथों में कुश लेकर जल तर्पण करते हैं। साथ ही गायों व अन्य जीवों को भोजन कराते हैं। मंगलवार को सुबह 9:30 बजे के बाद पूर्णिमा की तिथि लगने पर अपने पूर्वजों को जल तर्पण किया। कोरोना वायरस से बचाव के कारण अधिकांश लोगों ने घर पर ही जल तर्पण किया। वहीं, पानी वाली धर्मशाला में जलकुंभी लगने के कारण और लक्ष्मी तालाब में पानी भरा न होने के चलते लोग वहां जाने से बचे।
अनंत चतुर्दशी आज भी मनाई गई
महानगर में बीते सोमवार की तरह आज मंगलवार को भी अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया गया। लोगों ने घरों में विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमाओं का जल में विधिवत विसर्जन किया। वहीं, जलाशयों पर लोग प्रतिमा विसर्जन करने नहीं आए। ऐसे में पानी वाली धर्मशाला, लक्ष्मी तालाब का कुंड, आंतिया तालाब, पहुंज बांध आदि जलाशयों पर पुलिस का कड़ा पहरा भी नजर आया।