झांसी। प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि आयुक्त, जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी समेत सभी उच्चाधिकारी गांवों में रात्रि विश्राम कर ग्रामीण क्षेत्र की समस्याएं जानें। इससे समस्याएं निपटेंगी तथा शासन-प्रशासन की छवि में बदलाव होगा। यह निर्देश उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दिए।
कलेक्ट्रेट के एनआईसी में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने कहा कि सूखा प्रभावित जिलों में मनरेगा के तहत अधिक से अधिक कार्य चिह्नित कर प्रारंभ किए जाएं, ताकि ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा कर सूखे के प्रभाव को कम किया जा सके। उन्होंने तालाब खोदे जाने पर जोर दिया।
इस दौरान मुख्य सचिव ने कैंप लगाकर व चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की राय से मनरेगा के कार्य चिह्नित करने को कहा। साथ ही रोजगार प्राप्त मनरेगा श्रमिकों के जॉब कार्ड को आधार कार्ड से लिंक किए जाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचिव ने डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास ग्राम योजना, इंदिरा आवास योजना, ग्रामीण पेयजल योजना समेत कृषि विभाग व पंचायती राज विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
इस दौरान मुख्य सचिव के साथ विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव मौजूद रहे। जबकि, झांसी के एनआईसी भवन में मंडलायुक्त के राममोहन राव, जिलाधिकारी अनुराग यादव, सीडीओ संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट निखिल, एडीएम यूएन पांडेय व रमाशंकर गुप्ता आदि मौजूद रहे।
डीएम को हर माह जाना होगा अस्पताल
झांसी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को प्रतिमाह जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण उपरांत जिलाधिकारी बत्तीस बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट शासन को प्रेषित करें। साथ ही मुख्य सचिव ने बताया कि अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं हैं। यदि बाहर से दवा लिखी जाती है, तो इसे गंभीरता से लिया जाए।
एनएफएसए का जनप्रतिनिधि से कराएं उद्घाटन
झांसी। मुख्य सचिव ने कहा कि एक जनवरी से झांसी समेत प्रदेश के चौबीस जनपदों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लागू किया जा रहा है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही इसका उद्घाटन जनप्रतिनिधियों से कराया जाए। नये कार्ड न होने पर पुराने राशन कार्डों पर मुहर लगाकर लाभार्थियों को लाभ दिया जाए।